चिंतन: कैंसर मरीजों की देर से पहचान बड़ी त्रासदी, जागरुकता के अभाव में देर से पहुंचते मरीज

कैंसर मरीजों की देर से पहचान बड़ी त्रासदी, जागरुकता के अभाव में देर से पहुंचते मरीज
  • स्किन इंजरी की रोकथाम और प्रबंधन पर कार्यक्रम
  • पेलिएटिव-लाइफ केयर पर लक्ष्य केंद्रित
  • देर से पहचान होना एक प्रकार की त्रासदी बनी है

Nagpur News. कैंसर मरीजों की देर से पहचान होना एक प्रकार की त्रासदी बनी है। आज भी किसी न किसी कारण से मरीजों की समय पर पहचान नहीं हो पाती है। जिसके कारण मरीजों को कैंसर के बढ़ते चरण की पीड़ा झेलनी पड़ती है। इस कारण अत्याधुनिक उपचार सुविधा होने के बावजूद 60 से 70 फीसदी मरीजों को कैंसर की असह्य पीड़ा सहन करनी पड़ रही है। इसलिए कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों और जांच व उपचार के प्रति जागरुक होना जरुरी है। ऐसा डॉ. दीपाली जामगड़े ने कहा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग ने ‘ओपल 2026’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम कैंसर दर्द प्रबंधन शिक्षा की पहल पर आधारित था।

पेलिएटिव-लाइफ केयर पर लक्ष्य केंद्रित

सीएमई कार्यक्रम में कैडेवरिक वर्कशॉप ऑनकोएनेस्थीसिया, दर्द प्रबंधन तथा पेलिएटिव-लाइफ केयर पर लक्ष्य केंद्रित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. पी. पी. जोशी ने किया। इस अवसर पर स्टूडेंट वेलफेयर के डीन डॉ. सिद्धार्थ पी. दुबाशी (डीन, स्टूडेंट वेलफेयर), अकादमिक्स डीन डॉ. रसिका गडकरी अन्य गणमान्य उपस्थित थे। साेसायटी ऑफ ऑनकोएनेस्थीसिया एंड पेरियोपेरेटिव केयर के पदाधिकारी डॉ. बसंत रायानी, और डॉ. एन. के. विनोद कार्यक्रम में सहभागी हुए। एनेस्थीसियोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. गजानन चव्हाण ने अध्यक्षता थी। यह कार्यक्रम एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, सर्जन, ऑन्कोलॉजिस्ट और मनोवैज्ञानिकों को एक मंच पर लाने क प्रयास था। कार्यक्रम में प्रमुखता से कैंसर की समय पर पहचान और उचित समय पर रेफरल की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

स्किन इंजरी की रोकथाम और प्रबंधन पर कार्यक्रम

एम्स में ‘हॉस्पिटल-अक्वायर्ड स्किन इंजरी की रोकथाम और प्रबंधन’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एम्स नागपुर नर्सेस एसोसिएशन और नर्सिंग विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग क्षेत्र में स्किन केयर से जुड़ी आधुनिक जानकारी और कौशल को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर कॉलेज ऑफ नर्सिंग की सह प्राचार्य डॉ. राजिनी पीटर, नर्सिंग अधीक्षक डॉ. लतिका बजाज प्रमुखता से उपस्थित थे। कार्यकारी निदेशक डॉ. जोशी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण मरीज देखभाल और क्लिनिकल उत्कृष्टता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। विविध सत्रो में डॉ. सीमा यू. सिंह, रीटा जॉन, मिशेल सोनिया बेनेडिक्ट और योगेश सुथार ने मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में विविध संस्थानों के 350 से अधिक नर्सिंग पेशेवरों ने हिस्सा लिया।

Created On :   4 May 2026 4:57 PM IST

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