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Nagpur News: तेल कंपनियों का बड़ा खेल, पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ाने की हो रही तैयारी

Nagpur News शहर में पेट्रोल और डीजल को लेकर एक बार फिर संकट के हालात बनते नजर आ रहे हैं। यह संकट हकीकत में नहीं है, ऑयल कंपनियां इसे पैदा कर रही हैं। एक-एक कर अधिकांश पेट्रोल पंपों में ईंधन की कमी बढ़ती जा रही है। जहां पहले तीन से चार दिन तक का स्टॉक उपलब्ध रहता था, वहीं अब एक दिन में ही टैंक खाली हो रहे हैं। डिमांड के बाद भी ऑयल कंपनियां समय पर सप्लाई नहीं दे रही हैं। पंप संचालकों का आरोप है कि ऑयल कंपनियां जान-बूझकर सप्लाई कम कर रही हैं।
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रेट बढ़ाने की तैयारी, इसलिए कम की सप्लाई : आधिकारिक सूत्रों की मानें तो इस अस्थाई संकट की वजह अंतरराष्ट्रीय युद्ध या आपूर्ति बाधा नहीं, बल्कि तेल कंपनियों की रणनीति का हिस्सा है। जानकारों का मानना है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल के दाम 125 डॉलर के ऊपर बने थे। हालांकि, देश में चुनाव के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किसी तरह की वृद्धि नहीं की गई थी। इससे हर दिन तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 18-24 प्रति लीटर और डीजल पर 35-100 प्रति लीटर तक का घाटा उठाना पड़ रहा था। चूंकि अब चुनाव खत्म हो चुके है। ऐसे में किसी भी दिन दाम बढ़ाए जा सकते हैं। इसलिए तेल कंपनियां पहले से ही सप्लाई घटाकर बाजार में कमी का माहौल बना रही हैं। ताकि दाम बढ़ते ही सप्लाई को सुचारू कर नुकसान की भरपाई की जा सके।
एडवांस भुगतान के बाद भी नहीं मिल रहा ईंधन : हालांकि, पंप संचालकों के मुताबिक कंपनियां जान-बूझकर सप्लाई चेन को प्रभावित कर रही है। जहां पहले रोजाना दो टैंकर मिलते थे। अब दो दिन में मुश्किल से एक टैंकर दिया जा रहा है। कई बार इसके लिए भी अधिकारियों के माध्यम से दबाव बनाना पड़ता है। कई पंप ऐसे हैं, जहां तीन दिन से सप्लाई नहीं पहुंची, जिससे वे बंद होने की कगार पर हैं। संचालकों का कहना है कि पहले बिना एडवांस के भी ईंधन उपलब्ध हो जाता था और कंपनियां बिक्री बढ़ाने का दबाव बनाती थीं। अब नियम पूरी तरह बदल गए हैं। पहले एडवांस भुगतान अनिवार्य किया गया, फिर पिछले साल की बिक्री के आधार पर सीमित कोटा तय कर दिया गया। सबसे बड़ी समस्या यह है कि अब एडवांस पैसा जमा करने के बावजूद भी समय पर पेट्रोल और डीजल नहीं मिल रहा। तीनों प्रमुख कंपनियों द्वारा सप्लाई में कटौती की जा रही है, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
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सोमवार को दो दर्जन से अधिक पंपों पर ‘नो स्टॉक’ : नागपुर में भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के कुल 106 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इन पंपों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 10 से 12 लाख लीटर ईंधन की बिक्री होती है। मौजूदा हालात में यह सप्लाई मांग के मुकाबले काफी कम पड़ रही है। नतीजतन, कई पंप दिन ढलते ही ड्राई हो रहे हैं। सोमवार को भी करीब दो दर्जन से अधिक पंपों पर ‘नो स्टॉक’ की स्थिति रही। इससे पहले शुक्रवार को सरकारी अवकाश के कारण डिपो बंद रहे। वहीं शनिवार और रविवार को भी कामकाज प्रभावित रहा। कंपनियों द्वारा लगातार अवकाश को सप्लाई न होने का जिम्मेदार माना जा रहा है।
सप्लाई चेन बाधित : पेट्रोल-डीजल की किल्लत की बड़ी वजह सप्लाई चेन का लगातार तीन दिन तक प्रभावित रहना है। शुक्रवार को सरकारी अवकाश के चलते डिपो बंद रहा। शनिवार को डिपो खुलने पर एक साथ लंबित मांग का दबाव बढ़ गया। रविवार को फिर अवकाश रहने से सप्लाई चेन दोबारा बाधित हो गई। लगातार छुट्टियों के कारण शहर में ईंधन की कमी हुई है। -अमित गुप्ता, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन
Created On :   5 May 2026 11:38 AM IST













