Nagpur News: नाबालिगों से अत्याचार के दो मामलों में दोषियों को 20-20 साल की जेल

नाबालिगों से अत्याचार के दो मामलों में दोषियों को 20-20 साल की जेल
अब भुगतेंगे सश्रम कारावास

Nagpur News नागपुर सत्र न्यायालय ने बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। सत्र न्यायाधीश एस. एच. ग्वालानी की अदालत ने दोनों ही मामलों में दोषियों को 20-20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इन मामलों में सरकार की ओर से एड. कल्पना पांडे ने पक्ष रखा।

केस-1 : नाबालिग लड़की से दुष्कर्म

अदालत ने 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले 24 वर्षीय शिवशंकर गोविंदा मेश्राम को दोषी ठहराया है। यह मामला 3 मार्च 2024 को कुही पुलिस थाना क्षेत्र में सामने आया था। आरोपी और पीड़िता एक ही मोहल्ले के निवासी थे। पीड़िता जब घर पर अकेली थी, तब आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपनी छोटी बहन के साथ खेलने के बहाने अपने घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मामला उजागर होने पर पुलिस ने पॉक्सो और बीएनएस की धारा के तहत मामला दर्ज किया। कोर्ट ने शिवशंकर को दोषी पाते हुए 20 साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर उसे 6 माह अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।

केस-2:नाबालिग लड़के से अप्राकृतिक कृत्य

एक अन्य फैसले में अदालत ने 10 वर्षीय बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले 22 वर्षीय योगेश वासुदेव रेवतकर को सजा सुनाई। यह घटना 30 जुलाई 2023 को नरखेड़ पुलिस थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोपी पीड़ित बालक को उस समय अपने साथ ले गया जब वह अपनी बहन के साथ खेल रहा था। मासूम के साथ गलत काम करते हुए उसकी बहन ने आरोपी को देख लिया और तुरंत अपने माता-पिता को जानकारी दी। पुलिस की जांच और गवाहों के आधार पर अदालत ने योगेश को दोषी करार दिया। उसे भी 20 साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना, जुर्माना नहीं भरने पर उसे 6 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

Created On :   6 May 2026 2:06 PM IST

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