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Nagpur News: जनगणना ड्यूटी से सीबीएसई शिक्षकों को राहत, हाईकोर्ट ने नियुक्ति के आदेश पर लगाई रोक

Nagpur News जनगणना कार्य के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संलग्नित कुछ स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने उनकी नियुक्ति से संबंधित आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस फैसले से प्रभावित शिक्षकों और कर्मचारियों को फिलहाल जनगणना ड्यूटी से छूट मिल गई है। हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 29 जून तक जवाब दायर करने का आदेश दिया है।
मनमाना और अवैध है : सीबीएसई स्कूल स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष दीपाली डबली तथा द सिख एजुकेशन सोसायटी ने तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की हैं। मामले पर न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। याचिका के अनुसार यह संस्था सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों के लिए कार्य करने वाली प्रमुख संस्था है। इसके अंतर्गत आने वाले शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को मनपा के सहायक आयुक्त द्वारा 23 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत जनगणना कार्य में नियुक्त किया गया था। इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने अप्रैल में आपत्ति दर्ज कराते हुए निवेदन दिए। बावजूद इसके, अधिकारियों ने प्रशिक्षण में उपस्थित रहने के निर्देश दिए और अनुपालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि सीबीएसई स्कूलों के कर्मचारी जनगणना अधिनियम के दायरे में नहीं आते। उन्हें जबरन इस कार्य में लगाना मनमाना और अवैध है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है।
बाध्य नहीं कर सकते : अदालत ने प्रारंभिक तौर पर माना कि अनुदानित या गैर-अनुदानित स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को चुनाव या जनगणना कार्य के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ किसी प्रकार की दबावपूर्ण या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। इसी के साथ मनपा के नियुक्ति आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से एड. पी. बी. पाटील ने पक्ष रखा, उन्हें एड. विनय राठी और एड. निखिल वाघमारे ने सहयोग किया।
Created On :   5 May 2026 2:07 PM IST















