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Nagpur News: नागपुर के मेयो और मनपा के समन्वय से उपलब्ध होंगे 35 ऑक्सीजन जनरेटर

Nagpur News सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती भीड़ और बेड की कमी के बीच श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की पहल की जा रही है। जिन मरीजों को केवल ऑक्सीजन की जरूरत के कारण अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है, उन्हें अब घर पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (मेयो) और नागपुर महानगर पालिका के समन्वय से इस योजना को अमल में लाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत कोविड काल में मिले ऑक्सीजन जनरेटर का उपयोग जरूरतमंद मरीजों के घर पर किया जाएगा। प्रस्ताव को मनपा की स्थायी समिति अध्यक्ष शिवाणी दाणी वखरे ने मंजूरी दी है। विधान परिषद चुनाव के बाद इसे लागू किया जाएगा।
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35 से 40 ऑक्सीजन जनरेटर होंगे उपलब्ध
मेयो में करीब 15 ऑक्सीजन जनरेटर उपलब्ध हैं, जबकि मनपा के पास भी लगभग 15 से 20 जनरेटर हैं। दोनों संस्थानों के संसाधनों को मिलाकर करीब 35 जनरेटर जरूरतमंद मरीजों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी जिन मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी, उन्हें घर पर यह सुविधा देने की योजना है। इस व्यवस्था में मरीज की स्थिति और ऑक्सीजन की जरूरत का आकलन करने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से घर पर जनरेटर लगाया जाएगा। आवश्यकता पूरी होने पर उपकरण वापस लेकर दूसरे जरूरतमंद मरीज को उपलब्ध कराया जा सकेगा।
अस्पतालों में बेड की समस्या होगी कम
शहर के सरकारी अस्पतालों में टीबी सहित कई श्वसन संबंधी बीमारियों के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कुछ मरीजों को बीमारी की गंभीरता के कारण अस्पताल में भर्ती रखना जरूरी होता है। वहीं कुछ मरीजों को मुख्य रूप से ऑक्सीजन सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे मरीजों की चिकित्सकीय जांच के बाद यदि उन्हें घर पर सुरक्षित रूप से उपचार जारी रखने योग्य पाया जाता है, तो होम ऑक्सीजन की सुविधा एक उपयोगी विकल्प बन सकती है। इससे अस्पताल में लंबे समय तक बेड पर रहनेवाले मरीजों को घर पर देखभाल का विकल्प मिलेगा। रिक्त होने वाले बेड पर गंभीर मरीजों को भर्ती करने में आसानी होगी। इससे आपातकालीन विभाग और वार्डों पर दबाव कम होगा।
मरीजों और परिजनों को मिलेंगे कई फायदे
इस योजना से मरीजों को बार-बार अस्पताल में रहने की परेशानी से राहत मिलेगी। अनावश्यक रूप से लंबे समय तक रहने से बचने पर अन्य संक्रमणों के संपर्क में आने का जोखिम कम होगा। मरीज के साथ परिजनों को अस्पताल में रुकने, आने-जाने और देखभाल की व्यवस्था करने में लगने वाला समय कम हो सकता है। पात्र मरीजों को अस्पताल में रहने और आने-जाने से जुड़े खर्चों में राहत मिल सकती है। हालांकि, घरेलू ऑक्सीजन व्यवस्था और अन्य उपचार का वास्तविक खर्च योजना की शर्तों पर निर्भर करेगा। कोविड काल में खरीदे या उपलब्ध कराए गए ऑक्सीजन जनरेटर का दोबारा उपयोग होगा। जनरेटर लगाने, उसके सुरक्षित इस्तेमाल और मरीज की निगरानी की जिम्मेदारी निर्धारित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार तय किया जाएगा।
पात्र मरीजों के लिए आसान विकल्प
मरीजों को घर पर भी ऑक्सीजन जनरेटर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। चिकित्सकीय जांच के बाद मरीजों को घर पर ऑक्सीजन देने की आवश्यकता होने पर निर्णय लिया जाएगा। मनपा की स्थायी समिति अध्यक्ष ने प्रस्ताव को मान्यता दी है। स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से मरीजों के घर पर जनरेटर लगाया जाएगा और जरूरत समाप्त होने पर उसे वापस लेकर दूसरे मरीज को दिया जा सकेगा। इससे केवल ऑक्सीजन के लिए अस्पताल में भर्ती रहने वाले पात्र मरीजों को एक आसान विकल्प मिलेगा। -डॉ. रवि चव्हाण, अधिष्ठाता, मेयो अस्पताल, नागपुर
Created On :   10 Oct 2026 7:19 PM IST













