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विरोध प्रदर्शन: इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध में सड़क जाम, 11 आंदोलनकारियों पर केस दर्ज, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Nagpur News. केंद्र और राज्य सरकार की इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) नीति के विरोध में विदर्भ राज्य आंदोलन समिति (विराआस) ने ऐतिहासिक गांधी पुतला चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सड़क पर धरना दिया और कुछ समय के लिए यातायात बाधित कर दिया। इससे सी.ए. रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में 11 आंदोलनकारियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ तहसील थाने में मामला दर्ज किया गया।
समिति के अनुसार, पहले बड़कस चौक पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन आंदोलन से कुछ घंटे पहले पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र को संवेदनशील बताते हुए अनुमति निरस्त कर दी और गांधी पुतला चौक पर प्रदर्शन की अनुमति दी। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने गांधी पुतला चौक पर ही सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराया।
सरकार की नीति पर उठाए सवाल
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विराआस युवा आघाड़ी के प्रांताध्यक्ष मुकेश मासुरकर ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति के कारण वाहन मालिकों को विभिन्न तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, इससे वाहनों का माइलेज घट रहा है, इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है।
मासुरकर ने दावा किया कि आम वाहन चालकों को वाहन मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने और वाहन मालिकों को विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की।
ये हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें
- -पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की अनिवार्यता तत्काल समाप्त की जाए।
- -उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने की स्वतंत्रता मिले।
- -वाहन मालिकों को हो रहे आर्थिक नुकसान का अध्ययन कर उचित समाधान निकाला जाए
- -पेट्रोल नीति बनाते समय आम जनता और वाहन चालकों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी
समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उपभोक्ताओं को पेट्रोल चुनने की स्वतंत्रता नहीं मिलती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
आंदोलन में पूर्व विदर्भ विभाग अध्यक्ष अरुणभाऊ केदार, युवा आघाड़ी प्रांताध्यक्ष मुकेश मासुरकर, नागपुर शहर अध्यक्ष नरेश निमजे, नागपुर जिला अध्यक्ष प्रशांत नखाते, युवा अध्यक्ष गिरीश तितरमारे, महिला अध्यक्ष ज्योति खांडेकर, अल्पसंख्यक आघाड़ी अध्यक्ष शाहिद अनवर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Created On :   19 July 2026 5:45 PM IST











