कागजों पर चलीं मशीनें: फिर भी प्रशासन का दावा - 5 साल में 3 नदियों की सफाई में हुए 27 करोड़ रुपए खर्च, फिर भी शहर पानी-पानीे

फिर भी प्रशासन का दावा - 5 साल में 3 नदियों की सफाई में हुए 27 करोड़ रुपए खर्च, फिर भी शहर पानी-पानीे
  • 5 साल में 3 नदियों की सफाई में हुए 27 करोड़ रुपए खर्च, फिर भी शहर पानी-पानीे
  • कागजों पर मशीनों के चलने का अंदेशा
  • दस्तावेजों से खुलासा - सूचना अधिकार के तहत मिली चौंकाने वाली जानकारी

Nagpur News. मंगलवार 28 जुलाई को 180 मिमी बरसात होने से शहर जलमग्न हो गया। मनपा की पड़ताल में सामने आया कि अत्याधिक बरसात और नदी-नालों के प्रवाह के बंद होने से विषम परिस्थिति उत्पन्न हुई। हैरानी यह कि पिछले पांच साल नदी सफाई में 27 करोड़ खर्च कर नाग, पीली और पोहरा नदी के 49 किमी और 227 नालों की सफाई हुई है। अब सफाई अभियान में कागजों पर सफाई होने का खुलासा दस्तावेजों से हाे रहा है।

आखिर जवाबदेह कौन?

सामाजिक कार्यकर्ता अभय कोलारकर को हाल ही में सूचना के अधिकार में मनपा प्रशासन ने आश्चर्यजनक जानकारी उपलब्ध कराई है। प्रशासन ने बताया है कि किराये की मशीनों के साथ ही ईंधन पर करोड़ों खर्च मान्य किया गया है। अब सवाल यह है कि करोड़ों के संसाधनों का खर्च होने पर भी चंद घंटों की बरसात में शहर जलमग्न होने को लेकर जवाबदेही तय किस पर होगी।

169 कर्मचारी तैनात थे

मनपा के घनकचरा व्यवस्थापन कक्ष और वर्कशॉप विभाग ने नाग, पीली और पोहरा नदियों की सफाई के लिए किराये पर मशीन लिए थे। लॉन्ग-बूम एक्सकेवेटर मशीनों और किराए की जेसीबी से नदियों का मलबा निकालकर गहराईकरण किया गया। शहर के अलग-अलग ज़ोन में नदी और नालों की सफाई के लिए 169 कर्मचारियों को तैनात किया गया था।




Created On :   2 Aug 2026 7:46 PM IST

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