New Delhi News: कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा - वैश्विक व्यवस्था को संतुलित बनाने में अहम भूमिका निभा रहा भारत

कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा - वैश्विक व्यवस्था को संतुलित बनाने में अहम भूमिका निभा रहा भारत
  • भारत एक ऐसे दौर से आगे बढ़ा है जब वह वैश्विक व्यवस्था के अनुरूप स्वयं को ढालता था
  • व्यवस्था को अधिक संतुलित और परिष्कृत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है

New Delhi News. विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत एक ऐसे दौर से आगे बढ़ा है जब वह वैश्विक व्यवस्था के अनुरूप स्वयं को ढालता था, और अब वह उस व्यवस्था को अधिक संतुलित और परिष्कृत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता में ‘संस्कार’ का अर्थ है निरंतर परिष्कार अर्थात व्यक्ति या राष्ट्र का अपनी क्षमता और उद्देश्य को और अधिक सुदृढ़ तथा शुद्ध बनाते हुए आगे बढ़ना है।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 में “विकसित भारत–2047 के लिए संस्कार: आत्मविश्वास, समावेशन और प्रगति” विषय पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रायसीना डायलॉग 2026 ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब “संस्कार –-आत्मविश्वास, समावेशन और प्रगति” का विषय केवल एक दार्शनिक आधार नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण रणनीतिक दिशा भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता, जिसका मार्गदर्शन “वसुधैव कुटुंबकम-एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” के सिद्धांत ने किया, एक ध्रुवीकृत विश्व के लिए भारत की सभ्यतागत प्रतिक्रिया है।

विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि कभी-कभी यह धारणा प्रस्तुत की जाती है कि आर्थिक साझेदारियों के कारण भारत की रणनीतिक स्वायत्तता प्रभावित हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विषय पर सदैव स्पष्ट और निरंतर रुख अपनाया है कि भारत के निर्णय किसी एक गुट के साथ संरेखण से नहीं बल्कि राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत की सीमाओं पर शांति और स्थिरता सामान्य संबंधों के लिए अनिवार्य है। भारत अपने नागरिकों की गरिमा और अपनी सीमाओं की स्थिति को किसी भी प्रकार के समझौते का विषय नहीं मानता है।

Created On :   6 March 2026 7:15 PM IST

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