दैनिक भास्कर हिंदी: 11 सौ फौजी जबलपुर में फँसे, पास लेने भीड़ में पहुँच गए कलेक्ट्रेट

April 17th, 2020

डिजिटल डेस्क जबलपुर । 11 सौ से ज्यादा सेना के जवान या जो सेना से िरटायर्ड हो गये हैं ऐसे फौजी लॉकडाउन में जबलपुर में ही फँसे रहे गये हैं। इन्हें उम्मीद थी कि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खुल जायेगा और ये अपने घर चले जायेंगे। जैसे ही इन्हें पता चला कि अब 3 मई तक इन्हें जाने नहीं मिलेगा तो गुरुवार की शाम को ये भीड़ के रूप में कलेक्ट्रेट पहुँच गये। कलेक्टर ने दो सैनिकों को बुलाया और उनसे बात की। जिसके बाद इनसे कहा गया है कि इन्हें परमीशन मिल भी जाती है तो ये अपने घरों तक पहुँचेंगे कैसे। पहले सेना के वरिष्ठ अधिकारी इन्हें अनुमति दें उसके बाद ही कुछ विचार किया जायेगा। 
सेना के जवान जो जबलपुर में कार्यरत थे इनमें से कुछ मार्च माह में सेवानिवृत्त हो गये हैं, तो कुछ का पेंशन का मामला था कुछ और दूसरे कामों से शहर पहुँचे थे। लॉकडाउन के कारण ये यहीं रुक गये हैं। इनका कहना है कि अब इनके सामने खान-पान की समस्या भी आ रही है। इनके परिवारों में किसी की पत्नी बीमार है, तो किसी की माँ की तबियत खराब है। इन लोगों ने पास बनाने की अनुमति कलेक्टर कार्यालय से माँगी है लेकिन इनके पास नहीं बन रहे हैं। गुरुवार को ये कलेक्टर से मिलने पहुँचे तो उन्होंने कहा कि उनकी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से बात हुई है लेकिन उनका कहना है कि अभी इन्हें परमीशन न दी जाये। जब तक हमारे यहाँ से इजाजत नहीं मिलती तब तक पास जारी न हों। अगर इन्हें पास मिल भी जाते हैं तो भी परेशानी होगी, क्योंकि जबलपुर में पॉजिटिव मरीज मिले हैं ये सैनिक जहाँ भी जायेंगे तो पहले इन्हें 14 दिन क्वॉरेंटाइन किया जायेगा, इसलिये बेहतर है ये कुछ दिन और यहीं रहें। सैनिकों का कहना है कि पता नहीं उन्हें अभी कितने दिन और परेशानी झेलनी पड़ेगी।
 

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