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एडीजी वापस लौटे, विधायक पति की गिरफ्तारी का जिम्मा अब जबलपुर एसटीएफ एसपी को

एडीजी वापस लौटे, विधायक पति की गिरफ्तारी का जिम्मा अब जबलपुर एसटीएफ एसपी को

देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड - हटा के बाद अब दमोह में भी चिपकाए गोविंद सिंह के पोस्टर
डिजिटल डेस्क दमोह ।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के पांच दिन बाद भी हटा के देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में आरोपी पथरिया विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह को पकडऩे में पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी है। हटा में गोविंद सिंह के फरार होने की सूचना चस्पा करने के बाद शुक्रवार को पुलिस दमोह में जगह-जगह गोविंद सिंह के फरारी के पोस्टर चिपकाने में जुटी रही। मामले की मॉनिटरिंग करने के लिए पांच दिन से सर्किट हाउस में डेरा डाले एसटीएफ के एडीजी विपिन माहेश्वरी शुक्रवार सुबह भोपाल रवाना हो गए। अब मामले की कमान जबलपुर एसटीएफ के एसपी नीरज सोनी को सौंपी गई है। वे सर्किट हाउस से पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। टीम के प्रभारी सीएसपी अभिषेक तिवारी ने बताया कि गोविंद सिंह के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं लगी है। राजस्व विभाग से गोविंद सिंह की संपत्ति के बारे में कोई जानकारी न मिलने की वजह से कुर्की और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हो पाई है। दो दिन के अंदर दस्तावेज प्राप्त होंगे, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
संपत्ति की जानकारी न मिलने से नहीं हो पाई कुर्की की कार्रवाई
बेटी को नोटिस, मगर बयान देने नहीं आई

गोविंद सिंह के बारे में पूछताछ करने के लिए हटा एसडीओपी भावना दांगी ने 17 मार्च को उसकी बेटी मेघा सिंह को नोटिस देकर साथ थाने चलने के लिए कहा था, लेकिन उसने साथ जाने से साफ इंकार कर दिया था। इसके बाद कई बार पुलिस ने बयान देने के लिए मेघा को थाने ले जाने का प्रयास किया, मगर वह नहीं पहुंची। एसडीओपी भावना दांगी ने बताया कि अब तक गोविंद सिंह को संरक्षण देने के मामले में दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है।
सीजेएम कोर्ट ने 16 माह पहले प्रस्तुत आवेदन अब निरस्त किया
दमोह की सीजेएम न्यायाधीश रजनी प्रकाश बाथम ने देेवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में आरोपी गोविंद सिंह के पक्ष में हटा पुलिस की ओर से 16 माह पहले प्रस्तुत खारिज आवेदन को गुरुवार को निरस्त कर दिया है। सीजेएम ने पूर्व में हटा न्यायालय द्वारा गोविंद सिंह के विरुद्ध वारंट जारी करने की कार्यवाही को न्यायोचित ठहराया है। इस आवेदन में गोविंद सिंह की मोबाइल लोकेशन घटना स्थल पर न पाए जाने और विधायक की सुरक्षा में मौजूद गाड्र्स के बयानों के आधार पर गोविंद सिंह के विरुद्ध मुकदमा खारिजी के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था।

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