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बड़वारा, ढीमरखेड़ा में खुलेंगे सिविल अस्पताल - स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की कवायद

बड़वारा, ढीमरखेड़ा में खुलेंगे सिविल अस्पताल - स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की कवायद

डिजिटल डेस्क कटनी।जिले के इकलौते कांग्रेस विधायक के क्षेत्र में सौगातों की बरसात करने शासन-प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।  इस क्षेत्र को जल्द ही दो सिविल अस्पतालों की सौगात मिलेंगी। शुक्रवार को बड़वारा में आयोजित आपकी सरकार, आपके द्वार शिविर में जिले के प्रभारी मंत्री प्रियवृत सिंह ने बड़वारा एवं ढीमरखेड़ा में सिविल अस्पताल खोलने की घोषणा की थी। प्रभारी मंत्री की घोषणा के दूसरे ही दिन स्वास्थ्य विभाग ने दोनों स्थानों पर सिविल अस्पताल खोलने की कवायद शुरू कर दी है। विभाग को अस्पताल भवन एवं डॉक्टर्स, स्टाफ के क्वार्टर के लिए लगभग तीन एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। दोनों स्थानों में बनने वाले 60 बिस्तरों वाले अस्पताल भवनों एवं क्वार्टर के निर्माण में लगभग 8-8 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
सीएमएचओ कार्यालय में शनिवार को दिन भर बड़वारा व ढीमरखेड़ा में सिविल अस्पतालों के निर्माण को लेकर अधिकारी/ कर्मचारी कवायद करते रहे। सीएमएचओ ने सिविल अस्पतालों के निर्माण के लिए जमीन आवंटित करने कलेक्टर को प्रस्ताव भेजने के निर्देश अधीनस्थ अमले को दिए। साथ ही भवनों का इस्टीमेट तैयार करने लोक निर्माण विभाग से पत्राचार करने कहा।
स्ट्रक्चर से ज्यादा स्टाफ की चिंता
स्वास्थ्य विभाग को जमीन आवंटन, अस्पताल एवं आवासीय भवनों के निर्माण से ज्यादा डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ को लेकर है। शासन के  नियमानुसार 60 बिस्तर सिविल अस्पताल में प्रसूति रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, एनेस्थीसिया सहित चार डॉक्टर्स सहित पैरामेडिकल का स्टाफ के पद अनिवार्य है। चूंकि पहले से ही संचालित अस्पतालों में डॉक्टर्स के पद खाली पड़े हैं और सरकारी नौकरी करने में डॉक्टर्स की रुचि नहीं हैं। ऐसी स्थिति में इन अस्पतालों के संचालन में डॉक्टर्स  की कमी रोड़ा साबित होगी।
इनका कहना है
  आपकी सरकार आपके द्वार शिविर में प्रभारी मंत्री ने बड़वारा और ढीमरखेड़ा में सिविल अस्पताल खोलने  की घोषणा की थी। इस घोषणा को पूरा करने की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभ कर दी है। जमीन आवंटन के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। साथ की अस्पताल भवन एवं आवासीय क्वाटर्स के निर्माण के लिए इस्टीमेट तैयार करने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा जाएगा।
-डॉ.एस.के.निगम, सीएमएचओ
 

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