दैनिक भास्कर हिंदी: चुनाव बाद उपभोक्ताओं के जेब होगी खाली,12 फीसदी महंगी होगी बिजली

June 1st, 2019

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। चुनाव का दौर थमते ही विद्युत कंपनियां ने उपभोक्ताओं को जोर का झटका देने की तैयारी कर ली गई हैं। चुनाव से पहले जो वद्युत दर डेढ़ फीसदी बढाने की बात कहीं जा रही थी चुनाव समाप्त होते ही उसे आसमानी उछाल देते हुए सीधे 12 प्रतिशत विद्युत दर बढ़ाने की याचिका नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत की गई हैं। यानि एक बार फिर बिजली उपभोक्ताओं की जेब में डाका डालने खाका तैयार कर लिया गया हैं। प्रस्तुत शोधित विद्युत दर टैरिफ याचिका पर नियामक आयोग ने 23 जून तक आपत्तियां, टीप और सुझाव मंगाएं हैं। गौरतलब है कि पावर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा चुनाव से पहले विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत की गई विद्युत टैरिफ याचिका में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि मांगी गई थी, मगर याचिका प्रस्तुत किए जाने के कुछ समय बाद ही आचार संहिता लग गई अैर  यह प्रस्ताव लंबित रह गया था। बताया जाता है कि आचार संहिता बाद जैसे ही नियामक आयोग पुरानी याचिका पर कोई कार्रवाई आगे बढ़ाता इससे पहले ही पीएमसी द्वारा घरेलू बिजली के दाम में 12 फीसदी वृद्धि की  संशोधित याचिका प्रस्तुत कर दी गई।
 

प्रस्तावित टैरिफ वृद्धि में परिवर्तन भी
बताया जाता है कि प्रस्तावित टैरिफ वृद्धि में पीएमसी ने टैरिफ ढांचा में आंशिक परिवर्तन भी किए हैं। संशोधित टैरिफ याचिका में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के लिए शहरी और ग्रामीण टैरिफ में अंतर को दूर कर शहरी और ग्रामीण टैरिफ को एक समान किया गया हैं। 500 वाट तक के घरेलू अमीटरीकृत श्रेणी में स्लेब को युक्तियुक्त किया गया तथा सभी अमीटरीकृत संयोजनों के लिए एकल घरेलू श्रेणी की गई हैं।

दर वृद्धि के मुख्य अंश
- निम्नदाब टैरिफ में सभी श्रेणी के लिए सामान्य शुल्क की 1.25 गुना पर अस्थाई आपूर्ति का प्रस्ताव।
- शीघ्र भुगतान को प्रोत्साहित करने छूट देयक जो 0.25 प्रतिशत है उसे बढ़ाकर 0.50 प्रतिशत किया।
- पावर फेक्टर इंसेंटिव की रेंज 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक किया गया।
- वेल्डिंग अधिभार को समाप्त करने का प्रस्ताव भी याचिका में शामिल।
- कृषि पंप के लिए 11.82 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव लाया गया।
 

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