नहीं होने दिया कार्यक्रम में शामिल: दीक्षांत कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे 1 दर्जन से अधिक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव!

January 12th, 2022

डिजिटल डेस्क जबलपुर। रानी दुर्गावती विवि के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनने पहुँचे कई लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इसमें पीएचडी, पदकधारियों के अलावा विवि के कर्मचारी भी शामिल हैं। इन्हें मंच से ही एनाउंसमेंट करके डॉक्टर से मिलने कहा गया। फिर वे दोबारा कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बने। ये सूचना मिलते ही आनन-फानन में उन्हें दीक्षांत कार्यक्रम से अलग किया गया और आइसोलेट होने कहा गया। हालाँकि विवि प्रशासन ने सिर्फ 8 डिग्रीधारियों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। इधर आश्चर्य की बात तो ये है िक जिनकी िरपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है वे सभी बीते तीन दिनों से विवि के कुंजीलाल प्रेक्षागृह में हो रही दीक्षांत रिहर्सल का हिस्सा भी बन रहे थे।
जिला प्रशासन ने दीक्षांत का कार्यक्रम करने से पहले आयोजन समिति के सभी सदस्यों सहित पदक व उपाधिधारियों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराने के निर्देश दिए थे। इसके चलते सभी का टेस्ट मंगलवार दोपहर बाद हुआ था। बताया जा रहा है िक जिसकी रिपोर्ट धीरे-धीरे बुधवार की सुबह तकरीबन 10 बजे से आनी शुरू हुई। इधर दीक्षांत कार्यक्रम सुबह 11 बजे से होना था, इसके लिए एंट्री का समय एक घंटे पहले 10 बजे रखा गया था और जिनकी िरपोर्ट पॉजिटिव आई उनमें से कई कार्यक्रम का हिस्सा बनने कुंजीलाल प्रेक्षागृह पहुँच चुके थे। बाद में उन्हें िडपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स भेज िदया गया। उसके बाद घर जाने की सलाह दी गई।
15, 16 व 17 को होना है युवा उत्सव - इधर विश्वविद्यालय आगामी 15, 16 व 17 जनवरी को युवा उत्सव कराने की तैयारी में है। इसके लिए 5 जिलों से तकरीबन 350 युवा कार्यक्रम का हिस्सा बनने आएँगे। इन युवाओं को एक बड़े हॉल में रुकवाया जाएगा। यदि ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित होते रहे तो कोरोना विस्फोट होना तय माना जा रहा है।
वेटरनरी विवि में भी कई संक्रमित- इधर सूचना मिली है िक वेटरनरी विवि में भी दिल्ली से लौटे एक आला अधिकारी व उनके परिजनों की िरपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इससे उनके संपर्क में आए दूसरे अधिकारी व कर्मचारी अपना कोरोना टेस्ट करवा रहे हैं। इससे विवि गलियारों में हड़कंप है।पी-4
वर्जन
8 पीएचडी होल्डर्स की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने नहीं िदया गया, आइसोलेशन की सलाह दी गई।
-डॉ. बृजेश िसंह, कुलसचिव रादुविवि