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दीपावली बाजार :  कैमरों के जरिए चोरों व संदिग्धों पर रखी जाएगी नजर

दीपावली बाजार :  कैमरों के जरिए चोरों व संदिग्धों पर रखी जाएगी नजर

डिजिटल डेस्क जबलपुर। दीपावली का त्यौहार नजदीक आ रहा है। इसलिए ट्रैफिक पुलिस ने भी बाजारों में जाम से निपटने की प्लानिंग शुरू कर दी है। खासकर बड़े फुहारा से छोटे फुहारा, लार्डगंज, अंधेरदेव, गंजीपुरा आदि स्थानों पर जाम न लगे, इसके इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्य प्रवेश मार्गों पर बेरिकेडिंग कर चार पहिया वाहनों का प्रवेश त्यौहारों के दौरान पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। इस दौरान थाना पुलिस की भी मदद ली जाएगी। वन-वे का सख्ती से पालन हो, इसका  िवशेष ध्यान थाना और यातायात पुलिस करेगी।  
सिविल ड्रेस में पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे
 त्यौहारों के समय पर्स, मोबाइल या ज्वैलरी चोरी की शिकायतें साल दर साल बढ़ती जा रही हैं। इस पर लगाम कसने के लिए सिविल ड्रेस में पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे, जो शॉपिंग के दौरान भीड़ का फायदा उठाते चोरों पर नजर रखेंगे। जगह-जगह खुफिया कैमरे लगाए जाएँगे। इसके लए कुछ चुनिंदा दुकानों का चयन िकया जाएगा, जो सड़क पर उमडऩे वाली भीड़ का अधिकांश हिस्सा कवर करती हों, उनके बाहर ये कैमरे लगाए जाएँगे। 
तीनों थानों के कर्मियों को निर्देश- 
 ट्रैफिक पुलिस के तीन थाने हैं- पहला मालवीय चौक, दूसरा घमापुर थाना और तीसरा गढ़ा थाना। इन तीनों थानों की यातायात पुलिस को दीपावली बाजार के दौरान बरती जाने वाली सतर्कता से अवगत कराया जा रहा है। सुबह की मीटिंग में भी अधिकारी दशहरा पर्व के बाद दीपावली पर्व को अपनी प्राथमिकता में लेना शुरू करने की बात कहते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं। इस पाँच दिवसीय पर्व पर धनतेरस के तीन से चार दिन पहले से ही बेरिकेडिंग कर दी जाएगी। खासतौर पर धनतेरस पर पैदल चलने वालों को ही पारंपरिक बाजारों में प्रवेश की प्राथमिकता मिलेगी। बाकी सभी को तय पार्किंग स्थलों पर ही अपने-अपने वाहन खड़े करने को कहा जाएगा। 
बर्तन वाले बाहर न लगाएँ दुकानें
 इधर धनतेरस पर्व पर दुकानों के बाहर अतिरिक्त 4 से 5 फीट स्थान अतिक्रमित कर दुकानें लगाने वालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्हें ये हिदायतें दी जा रही हैं कि उनके ऐसा करने से सड़कें छोटी हो जाती हैं और जाम के हालात बनते हैं। इसलिए सभी अपनी हदों के भीतर ही दुकानों का संचालन करें। न सुनने वालों के सामान जब्त करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।