दैनिक भास्कर हिंदी:  पदोन्नति से इंकार करने पर नहीं कर सकते क्रमोन्नति से वंचित -हाईकोर्ट

October 26th, 2019

डिजिटल डेस्क जबलपुर। हाईकोर्ट ने कहा है कि पदोन्नति से इंकार करने वाले कर्मचारियों को क्रमोन्नति से वंचित नहीं किया जा सकता। इस मत के साथ जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकलपीठ ने जबलपुर की तीन महिला शिक्षिकाओं की क्रमोन्नति निरस्त करने वाले आदेश को खारिज कर दिया।
पदोन्नति अस्वीकार कर दी थी
ये मामले मॉडल स्कूल की प्रधानाध्यापक नीलिमा चौबे, सालीवाड़ा में पदस्थ शिक्षिका पोपमिया राय व चेरीताल स्कूल में पदस्थ यूडीटी वनीता सूद की ओर से दायर किए गए थे। आवेदकों का कहना था कि कुछ व्यक्तिगत कारणों के कारण उन्होंने विभाग से मिलने वाली पदोन्नति अस्वीकार कर दी थी। वित्त विभाग के आदेश पर संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा द्धारा ली गई आपत्ति के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्धारा याचिकाकर्ताओं को दी गई क्रमोन्नति वापिस करने के आदेश जारी कर दिए गए। इन आदेशों को चुनौती देकर ये याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गईं थीं। आवेदकों का दावा था कि पदोन्नति अस्वीकार करना एक सामान्य प्रकिया है एवं क्रमोन्नति वापस लेना अपने आप में एक तरह की सजा है। ऐसा किया जाना संविधान के अनुच्छेद 311 (2) का स्पष्ट उल्लंघन है।
 

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