दैनिक भास्कर हिंदी:  तालाब में मर रहीं मछलियां - जिम्मेदारों का दावा तापमान बढ़ने से ऐंसा हो रहा

June 4th, 2019

डिजिटल डेस्क,बालाघाट। नगर के मोती तालाब में आज सुबह भ्रमण कर रहे लोगो को एकाएक तालाब से बदबू आने के बाद जब उनका ध्यान तालाब की ओर गया तो लोग भौचक्क रह गए। तालाब के एक छोर से दूसरे छोर तक तालाब के पानी के किनारे-किनारे सैकड़ो मछलियां मरी पड़ी थी, या फिर तड़प, तड़प कर मर रही थी। जो लोगों के लिए चौंका देने वाला था। तालाब में पानी के बावजूद मछलियों का इस तरह से तड़प, तड़प कर मरना, कई संदेहो को जन्म दे रहा था। जिसके बाद तालाब में सैकड़ो मछलियों के मरने की जैसे ही जानकारी कलेक्टर दीपक आर्य को मिली, उन्होंने तत्काल ही नपा सीएमओ और मत्स्य अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिये। जिसके बाद नगरपालिका सीएमओ गजानन नाफड़े अपने अमले के साथ तालाब पहुंचे। जहां उन्होंने मृत मछलियो को देखकर इसको संग्रहित कर उसको नष्ट करने के अपने मातहत कर्मचारियों को आदेश दिए।    

गौरतलब हो कि बालाघाट में मोती तालाब एक बड़ा तालाब है, जहां विभिन्न प्रकार की मछलियां पाली जाती है, एक जानकारी के अनुसार तालाब में मछलियों की प्रजाति में रोहु, कतला, कामनकर, निर्गल, ग्रासकार और ब्रेडकार मछलियां मछुआरों द्वारा पाली जा रही है।  इन मछलियों का इस तरह से तालाब में मरने की घटना से लोगो में काफी निराशा देखी गई। खासकर जिम्मेदारों को लेकर लोगों की नाराजगी ज्यादा थी। हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि मछलियों की मौत की वजह क्या थी लेकिन जानकार और मत्स्य अधिकारी का कहना है कि तेज गर्माहट के कारण पानी के गर्म होने से मछलियों की मौत हुई है। 
    

घटना के घंटो बाद दोपहर में एक यहां मछली पालन कर रहे मछुआरे तालाब पहुंचे और उन्होंने मरी मछलियों को एकत्रित किया। मछुआरे की मानें तो लगभग 2 सौ से 3 सौ मछलियां मरी है। 

इनका कहना है

कलेक्टर साहब के निर्देश के बाद तालाब पहुंचकर मृत मछलियों को एकत्रित करने और मृत मछलियों को गहरा गढ्ढा खोदकर उन्हें गढ़ाने के निर्देश कर्मचारियों को दिये गये है। 
गजानन नाफड़े, सीएमओ, नगरपालिका

मौसम में गर्माहट के कारण तालाब का पानी गर्म होने से मछलियां मरी पड़ी मिली है। जिसके लिए मछुआरों को निर्देशित भी किया गया है साथ ही तालाब में मछलियों को सुरक्षा के लिए उपाय करने भी कहा गया है। 
श्रीमती शशिप्रभार धुर्वे, अधिकारी, मत्स्य विभाग