दैनिक भास्कर हिंदी: फेसबुक पर अट्रैक्ट हुआ वीर पहुंचा था पाकिस्तान, जारा मिली नहीं काट ली छः साल की जेल, अब वतन वापसी

December 17th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आपने शाहरुख खान और प्रिटी जिंटा की फिल्म 'वीर-जारा' तो देखी होगी। जिसमें दिखाया गया था कि प्यार कभी सरहदों में नहीं सिमटता। कुछ इसी तरह एक लव स्टोरी रीयल लाइफ में सामने आई। हालांकि इस स्टोरी में वीर को जारा नहीं मिल सकी, लेकिन छह साल जेल में काटने के बाद अब वो अपने वतन लौट रहा है। दरअसल फेसबुक पर लड़की से दोस्ती के बाद उससे मिलने अवैध रुप से पाकिस्तान गए हामिद अंसारी को वहां गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसकी सजा पूरी होने के बाद पाकिस्तान जेल से रिहा हो गए हैं। मंगलवार को वे वाघा बार्डर के रास्ते अपने देश में दाखिल होंगे और छह साल बाद परिवार वालों से मिलेंगे। महानगर के वर्सोवा इलाके में रहने वाला अंसारी परिवार और उनके पड़ोसी काफी खुश हैं। वहीं इस मामले में परिवार की मदद में कोई कसर न छोड़ने वाले पूर्व विधायक व मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष कृष्णा हेगडे़ ने भी इस पर खुशी जताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को धन्यवाद दिया है।

हेगडे़ ने बताया कि इससे पहले वे भावेश परमार नाम के पाकिस्तान में फंसे एक व्यक्ति को भारत लाने में मदद कर चुके थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद अंसारी परिवार ने मामले में मुझसे संपर्क किया और मदद मांगी। हेगड़े ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मामले में काफी मदद की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे रखा था कि वे हामिद से जुड़े सभी दस्तावेज तैयार रखें, जिससे रिहा होते ही उसे भारत वापस लाया जा सके। पाकिस्तान सरकार अब भी दावा कर रही है कि हामिद भारतीय जासूस हैं और वे उसके खिलाफ अपराध और फर्जी दस्तावेज बनाने में शामिल रहे हैं। लेकिन हेगड़े बताते हैं कि मैंने खुद हामिद के फेसबुक अकाउंट से पाकिस्तानी लड़की से हुई चैटिंग पढ़ी थी। जिससे साबित होता है कि वे उस लड़की के प्यार में थे और उसी से मिलने पाकिस्तान पहुंचे थे।

कई बार ठुकराया वीजा
हामिद ने खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट इलाके की लड़की से मिलने के लिए कई बार पाकिस्तानी वीजा हासिल करने की कोशिश की, लेकिन हर बार नाकाम रहे। इसके बाद उन्होंने कोहाट के लोगों से फेसबुक पर संपर्क किया और वहां पहुंचने का रास्ता पता किया। इसके बाद वे अफगानिस्तान गए और वहां से तोरखम के रास्ते पाकिस्तान में दाखिल हो गए। कोहाट के होटल में रुकने के लिए उसे हमजा नाम से पहचान पत्र दिया गया जो अवैध था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हामिद के मुताबिक फर्जी पहचान पत्र उसी लड़की ने उन्हें भेजा था।  

पढ़ा लिखा है परिवार
33 साल के हामिद के पास मैनेजमेंट साइंस की डिग्री है पाकिस्तान जाने से पहले वे मुंबई के एक कॉलेज में बतौर लेक्चरर काम कर रहे थे। उनकी मां फौजिया अंसारी एक कॉलेज की वाइस प्रिसिपल और हिंदी की प्रोफेसर हैं, जबकि पिता निहाल बैंक अधिकारी हैं। उनके बड़े भाई दांतों के डॉक्टर हैं। हामिद ने पाकिस्तान जाते वक्त परिवार को बताया था कि वे एक कंपनी में इंटरव्यू देने जा रहे हैं।   
 

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