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अस्पताल में भर्ती होकर जिसने इलाज कराया उसे एचडीएफसी कंपनी कह रही फर्जी है बिल..!

June 10th, 2021 21:44 IST
अस्पताल में भर्ती होकर जिसने इलाज कराया उसे एचडीएफसी कंपनी कह रही फर्जी है बिल..!


डिजिटलडेस्कजबलपुर। बीमा क्लेम न देना पड़े इसके लिए बीमा कंपनियाँ कई तरह के रास्ते निकालने में लगी हैं। सारे डाक्यूमेंट्स सही होने के बाद भी बीमा कंपनियों ने एक नया फॉर्मूला निकाला है, जिसमें वे एक पत्र जारी करते हैं और उसमें लिखा रहता है कि आपके डॉक्यूमेंट्स बनावटी लग रहे हैं इसलिए हम यह क्लेम नहीं दे सकते। सीधे तौर पर बीमा कंपनियाँ इसी तरह का बर्ताव प्रत्येक बीमित व्यक्ति के साथ कर रही हैं। वर्तमान में एचडीएफसी कंपनी अपने ग्राहकों को नो क्लेम का पत्र जारी कर रही है। कई पॉलिसी धारक ऐसे हैं जिन्हें कंपनी कटौती करके बिल का भुगतान करने में लगी है। पीडि़तों का आरोप है कि लाभ कमाने के लिए बीमा कंपनी कई तरह के गोलमाल कर पॉलिसी धारकों को गुमराह कर रही है और उन्हें सही जवाब भी बीमा कंपनी की तरफ से नहीं दिया जा रहा है। अगर उनसे शिकायत करते हैं तो वे कहते हैं कि आप कोर्ट चले जाएँ हम तब भी बीमा क्लेम नहीं देंगे। ग्राहकों के साथ इस तरह का बर्ताव किए जाने से पीडि़त अब बीमा कंपनियों के लुभावने वादे से पीछे हट रहे हैं।
इन नंबरों पर बीमा से संबंधित समस्या बताएँ-
इस तरह की समस्या यदि आपके साथ भी है तो आप दैनिक भास्कर जबलपुर के मोबाइल नंबर 9425324184, 9425357204 पर बात करके प्रमाण सहित अपनी बात रख सकते हैं। संकट की इस घड़ी में भास्कर द्वारा आपकी आवाज को खबर के माध्यम से उचित मंच तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।
केस.1
बनावटी बिल का आरोप लगाकर क्लेम कर दिया निरस्त..?
इंद्रा नगर भयंदर वेस्ट ढ़ाणे मुंबई निवासी अमर सोनी ने अपनी शिकायत में बताया कि एचडीएफसी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से स्वास्थ्य बीमा कराया था। मार्च में अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें मुंबई के निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। साँस लेने में दिक्कत होने के कारण वे ऑक्सीजन सपोर्ट में रहे। एचडीएफसी कंपनी ने अस्पताल में कैशलेस नहीं किया और पूरा भुगतान उन्होंने अपने पास से किया। अस्पताल से छुट्टी होने के बाद पीडि़त ने सारे बिल बीमा कंपनी में ऑनलाइन जमा किए थे। बिल जमा होने के बाद पीडि़त लगातार बीमा कंपनी से संपर्क करते रहे। उसके बाद बीमा कंपनी ने अनेक क्वेरी माँगी जिन्हें वे समय-समय पर पूरा करते रहे और अचानक बीमा कंपनी ने पत्र भेजा जिसमें लिखा था कि आपके द्वारा जो बिल सबमिट किए गए हैं वे बनावटी हैं और ऐसी स्थिति में हम आपके क्लेम को पास नहीं कर सकते। पीडि़त ने बीमा कंपनी को मेल करके पूछा कि किस तरह का बनावटी बिल लग रहा है उस बारे में प्रकाश डालें, तो बीमा कंपनी ने किसी तरह का जवाब नहीं दिया। वे लगातार संपर्क कर रहे हैं। बीमा कंपनी के सदस्यों का व्यवहार अभद्रता पूर्ण रहा है।
केस.2
कटौती कर दी हमारे अस्पताल के बिलों में बीमा कंपनी ने तेंदूखेड़ा नरसिंहपुर निवासी प्रदीप जैन ने बताया कि डेंगू से ग्रसित होने के कारण वे जबलपुर अस्पताल रसल चौक में भर्ती हुए थे। अस्पताल में कैशलेस किए जाने के लिए कार्ड दिया, तो बीमा कंपनी ने कैशलेस करने से इनकार कर दिया। अस्पताल से छुट्टी होने के बाद उन्होंने ऑनलाइन व ऑफलाइन सारे बिलों को एचडीएफसी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम पास कराने के लिए भेजा था। 28 सितम्बर 2019 को दिए गए बिलों का भुगतान बीमा कंपनी ने सात माह बाद किया, वह भी जितना बिल था उतना नहीं बल्कि उसमें कटौती कर दी। बीमा कंपनी को पीडि़त क्लेम पूरा देने के लिए पत्राचार कर रहा है पर बीमा कंपनी किसी तरह का जवाब नहीं दे रही है। बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर जब संपर्क किया गया तो पीडि़त को बताया गया कि जो भुगतान किया गया है उतना ही मिलेगा, उससे ऊपर कुछ भी नहीं दिया जाएगा। पॉलिसी धारक का आरोप है कि बीमा कंपनी जबरन हमारे बिलो में कटौती कर रही है, जबकि हमारी पॉलिसी लंबे समय से चली आ रही है। हम पुराने पॉलिसी धारक हैं उसके बाद भी बीमा कंपनी हमारे साथ धोखा कर रही है।
वर्जन ...
एचडीएफसी कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार ग्राहक को गैर-देय वस्तुओं के लिए राशि में कटौती के बाद, हमें जमा किए गए बिलों के आधार पर दावा राशि का भुगतान किया गया था।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।