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तबादलों के मामलों में संवेदनशील रहे नियोक्ता -मप्र ग्रामीण सड़क विकास विभाग के जीएम की याचिका पर हाईकोर्ट

तबादलों के मामलों में संवेदनशील रहे नियोक्ता -मप्र ग्रामीण सड़क विकास विभाग के जीएम की याचिका पर हाईकोर्ट

डिजिटल डेस्क जबलपुर। मप्र ग्रामीण सड़क विकास विभाग के जनरल मैनेजर आरके सिंह के जबलपुर से नरसिंहपुर किए गए तबादले को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हालाँकि अपने आदेश में जस्टिस सुजय पॉल की एकलपीठ ने कहा- नियोक्ता को ऐसे मामलों में काफी संवेदनशील रहना चाहिए, जहाँ अपने तबादले का निष्पादन न करने वाले कर्मचारी को वापस भेजा जाए और उसकी जगह पर भेजे गए दूसरे कर्मचारी को अल्प अवधि में नई जगह पर ट्रांसफर कर दिया जाए। ऐसा करने से बिना वजह कर्मचारियों का दिल जलता है।ज् अदालत ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में नियोक्ता इस पहलू पर जरूर गौर करेंगे।

आरके सिंह की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया था कि 13 फरवरी को वे मुख्यालय से जबलपुर ट्रांसफर किए गए थे। वहीं जबलपुर में पदस्थ विनीत कुमार श्रीवास्तव का बड़वानी ट्रांसफर किया गया, लेकिन रिलीव होने के बाद भी उन्होंने बड़वानी में प्रभार नहीं सँभाला। याचिका में आरोप था कि 27 दिनों के बाद 18 मार्च 2020 को श्री श्रीवास्तव को वापस जबलपुर और याचिकाकर्ता को जबलपुर से पीआईयू-2 नरसिंहपुर ट्रांसफर कर दिया गया, जो अवैधानिक है।
सुनवाई के दौरान उभय पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से दी गईं दलीलों को नाकाफी पाते हुए कहा कि तबादला आदेश पर तभी हस्तक्षेप किया जा सकता है, जब वह किसी नियम के खिलाफ किया गया हो। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिसके आधार पर ट्रांसफर में दखल दिया जा सके।

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