दैनिक भास्कर हिंदी: जब मृत्यु प्रमाण पत्र में ही कोरोना नहीं लिखा होगा तो हम साबित कैसे करेंगे!

June 23rd, 2021

कोरोना से हुई मृत्यु को प्रमाणित करना हुआ टेढ़ीखीर, भटक रहे लोग 
डिजिटल डेस्क जबलपुर । कोरोना से जिन भी लोगों की मृत्यु हुई है अब उनके परिजनों की आशाएँ रोजाना नगर निगम की चौखट पर दम तोड़ रही हैं। लोग चाहते हैं कि निगम द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में लिखा जाए कि मृत्यु का कारण कोरोना है, जबकि निगम अधिकारी नियमों का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण लिखने का कोई कॉलम ही नहीं होता इसलिए लिख नहीं सकते। लोग चक्कर पे चक्कर काट रहे हैं और कोई विधायक का पत्र लेकर आता है तो कोई पार्षद का। नगर निगम में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए रोजाना दर्जनों लोग पहुँच रहे हैं, इनमें से जिन भी लोगों के परिजनों की मृत्यु कोरोना से हुई है वे चाहते हैं कि प्रमाण पत्र में भी साफ लिखा जाए कि मृत्यु कोरोना से हुई है। जब निगम के कर्मचारी ऐसा नहीं करते तो लोग भड़क जाते हैं और वे एप्रोच लगाने लगते हैं लेकिन उसके बाद भी उन्हें कुछ हासिल नहीं होता क्योंिक प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण लिखने का कोई प्रावधान ही नहीं है। यह अलग बात है कि निगम द्वारा सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम में जो जानकारी दर्ज की जाती है उसमें मृत्यु के कारणों का उल्लेख होता है। यह जानकारी सीधे महारजिस्ट्रार कार्यालय भारत सरकार के पास जाती है। 
अस्पतालों की जानकारी मान्य होगी 
 बताया जाता है कि जिन भी लोगों की मृत्यु कोरोना से हुई है और यदि उनके परिजनों को सरकार से किसी भी प्रकार की मदद चाहिए तो उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र जो आवश्यक होगा ही लेकिन कोरोना से मृत्यु होने की अस्पताल द्वारा जारी की गई जानकारी और उपचार सम्बंधी दस्तावेजों के साथ ही श्मशानघाट द्वारा जारी पर्ची भी लगानी होगी।
 

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