कटनी: नगर निगम कटनी में अध्यक्ष पद के बढ़े दावेदार

August 5th, 2022

डिजिटल डेस्क,कटनी। नगर निगम में अध्यक्ष (स्पीकर) के चुनाव तिथि बढऩे से दावेदारों की संख्या भी बढऩे लगी हैं। वहीं एमआईसी (मेयर इन कौंसिल) का सदस्य बनने एवं अपील समिति में शामिल होने भी पार्षदों ने लॉबिंग शुरू कर दी है। नगर निगम कटनी में अध्यक्ष का चुनाव अब 8 अगस्त को होगा। अध्यक्ष पद के लिए अब दावेदार बढक़र चार हो गए हैं। वहीं एमआईसी में शामिल होने के लिए भी जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। इसी तरह अपील समिति स्थान पाने के लिए पार्षदों द्वारा प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

महापौर ने लौटाया वाहन

नवनिर्वाचित निर्दलीय महापौर प्रीति संजीव सूरी ने शपथ ग्रहण के ही दिन नगर निगम में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की पहल स्वयं से शुरू की। महापौर की कुर्सी सम्हालते ही नगर निगम की ओर चार पहिया लक्जरी वाहन की व्यवस्था की गई। नगर निगम की ओर से वाहन मिले वाहन को महापौर ने यह कहते हुए वापस कर दिया कि उनके पास स्वयं का निजी वाहन है, जिससे वह नगर निगम आएंगी एवं शहर का भ्रमण करेंगी। केवल घर से आफिस तक आने के लिए हर माह 50 हजार रुपये नगर निगम के खजाने से खर्च हों, यह उचित नहीं है। वह नगर निगम के वाहन का केवल भोपाल आने-जाने के लिए उपयोग करेंगी, वह भी तब जब किसी शासकीय कार्यक्रम में शामिल होना होगा।

मेयर के भरोसेमंद पाएंगे एमआईसी में स्थान

45 पार्षदों में सर्वाधिक 27 भाजपा के हैं, 15 पार्षद कांग्रेस एवं तीन निर्दलीय हैं। एमआईसी में दस सदस्यों का चयन होना है। इस समिति में सदस्यों के चयन के चयन का अधिकार महापौर के पास रहता है। जो पार्षद महापौर की गुडबुक में रहेगा उसे ही एमआईसी में जगह मिलेगी। एमआईसी सदस्यों का चयन भी महपौर के लिए परीक्षा की घड़ी होगी। जबकि अपील समिति में चार सदस्यों का चयन पार्षदों की सहमति से किया जाता है। यदि संभावित नामों पर सहमति नहीं बनती है तब वोटिंग से चयन किया जाएगा। अपील समिति की पदेन अध्यक्ष भी महापौर रहेंगी। अपील समिति नगर निगम में पॉवरफुल मानी जाती है और इस समिति को निगमायुक्त के आदेश को वीटो करने का भी अधिकार रहता है।

एक और पार्षद ने ठोंकी दावेदारी

नगर निगम अध्यक्ष के लिए राजनीतिक हल्कों में अब तक तीन नामों की चर्चाएं थीं। हालांकि तीनों दावेदार खुलकर सामने नहीं आए लेकिन जगमोहनदास वार्ड से निर्वाचित पार्षद जयनारायण निषाद ने अध्यक्ष पद के लिए खुलकर दावेदारी पेश कर भाजपा में सनसनी फैला दी। पिछली परिषद में श्री निषाद की पत्नी पार्षद रहीं और वह स्वयं तीसरी बार चुनकर नगर निगम में पहुंचे हैं। इनके पहले अध्यक्ष पद के लिए संतोष शुक्ला एवं मनीष पाठक का नाम चल रहा था। जयनारायण निषाद ने दावा किया है कि भाजपा के ज्यादातर पार्षदों का उन्हे समर्थन प्राप्त है।
 

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