दैनिक भास्कर हिंदी: नशीली दवाओं की मंडी बन गया है कटनी शहर , कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा

February 1st, 2020

डिजिटल डेस्क कटनी । नशीली दवाईयों के पकड़ाने के बाद ड्रग विभाग ने दवा दुकानों की जांच का ढोंग रचना शुरु कर दिया है। एक वर्ष तक ड्रग विभाग के अधिकारी को किसी भी दुकान में किसी तरह की नशीली दवाईयां नहीं मिली। बुधवार को पुलिस ने शहर में ही एक ट्रांसपोर्टर के दुकान में नशीली दवाईयों की खेप पकड़ी। जिसके बाद अपना नाक बचाने के लिए ड्रग विभाग के अधिकारी बड़वारा और विलायतकला में जाकर दवा दुकानों की जांच कराते हुए फोटो खिंचाए। हालांकि इस दौरान उन्हें किसी तरह की अनियमितता नहीं मिली। गौरतलब है कि नशीली दवाओं के गढ़ के रुप में चर्चित कटनी में ड्रग विभाग के अधिकारी प्रयोजित तरीके से काम कर रहे हैं। जिसके चलते इनके हाथ से नशीली दवाईयों के कारोबारी दूर हैं। वहीं पुलिस लगातार नशीली दवाओं के साथ आरोपियों को पकड़ रही है। डेढ़ वर्ष के अंदर तीन मामलों से ही समझा जा सकता है कि ड्रग विभाग नशीली दवाओं पर किस तरह से अंकुश लगा रखा है।
स्टेशनरी दुकान में दवा
करीब छह माह पहले कोतवाली के समीप एक स्टेशनरी शॉप में दवाओं का खेप पुलिस ने जब्त किया था। इसकी दूरी जिला स्वास्थ्य कार्यालय से महज चंद कदमों पर है। इसके बावजूद ड्रग विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लगी। पुलिस ने यहां पर कार्यवाही करते हुए दवाओं को जब्त किया।
उमरिया में सप्लाई
प्रतिबंधित दवाओं से कटनी की ही युवा पीढ़ी बर्बाद नहीं हो रही है। बल्कि आसपास के जिलों में भी यहां से नशीली दवाओं की सप्लाई की जा रही है। चंदिया बार्डर में ही एक युवक को नशीली दवाओं के साथ पकड़ा गया था। पुलिस आरोपी युवक के सहारे माधवनगर के उस दवा दुकान तक जा पहुंची। जहां से दवाईयां सप्लाई की गई थी। दोनों जिलों की पुलिस ने समन्वय स्थापित किया और विक्रेता को यहां से गिरफ्तार कर ले गई। इसके बावजूद ड्रग विभाग मूक-दर्शक बना रहा।