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 130 वर्ष में पहली बार नहीं निकाली भगवान जगन्नाथ स्वामी रथयात्रा 

 130 वर्ष में पहली बार नहीं निकाली भगवान जगन्नाथ स्वामी रथयात्रा 

डिजिटल डेस्क जबलपुर ।  जबलपुर के इतिहास में 130 वर्ष में पहली बार ऐंसा हो रहा है कि जब भगवान जगन्नाथ स्वामी रथयात्रा नहीं निकाली जा रही है यह लोगों को कोरोना संग्रमण से बचाने के लिए किया जा रहा है । इस संबंध में बताया गया है कि भगवान जगन्नाथ स्वामी रथयात्रा महोत्सव पर आज 23 जून को वात्री साहू समाज द्वारा संचालित श्री जगदीश स्वामी कर्मामाई शंकर भगवान मंदिर ट्रस्ट द्वारा साहू धर्मशाला गढ़ाफाटक में बनाये गए अस्थायी मंदिर में दोपहर 12 बजे भगवान का पूजन अर्चन कर विराजमान किया गया ।
साहू समाज ट्स्र्ट के चौधरी मुकेश साहू ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का नीलमाधव अवतार श्री जगन्नाथ स्वामी के रूप में अपने भाई बलभद्र और बहिन सुभद्रा के साथ प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया तिथि को रथ के सवार होकर जनता को दर्शन देने निकलते है और जबलपुर में वात्री साहू समाज द्वारा विगत 130 वर्षों से रथयात्रा अनवरत निकाली जा रही है किन्तु इस वर्ष कोरोनॉ संक्रमण की वजह से साहू समाज ने जनहित में निर्णय लेते हुए रथयात्रा न निकालने का निर्णय लिया। चूंकि रथयात्रा नही निकाली जा रही है पर भक्तों के दर्शनार्थ भगवान अपने भाई बहिन के साथ साहू धर्मशाला गढ़ाफाटक में बनाये गए अस्थायी मंदिर में 13 दिन विराजमान रहेंगे, जहाँ प्रतिदिन सुबह 8 से 10 तथा शाम 6:30 बजे से 8:30 बजे तक भगवान के दर्शन होंगे।
ट्स्र्ट के सदस्य श्रीकान्त साहू ने बताया कि समाज के वरिष्ठ जनों की सहमति एवँ प्रशासन के निर्देशानुसार रथयात्रा के पूर्व ही मंदिर को पूरी तरह सेनेटाइज कराते हुए सफाई, साज सज्जा इत्यादि तैयारी पूर्ण कर ली गई है और 23 जून को सुबह 8 बजे से से रात 8:30 बजे तक श्रद्धालु दर्शन हेतु आयेंगे और ट्रस्ट द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सेनेटाइजर करना, मास्क लगाना अनिवार्य करना जैसे निर्णय लिए गए है, साथ ही भगवान को भोग, प्रसाद नही चढ़ाया जाएगा न ही वितरित किया जाएगा।
साहू समाज ट्स्र्ट द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भगवान के दर्शन पूजन की अपील की गई है।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।