comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

नाक-मुंह दबाकर की गई थी जिला संयोजक की हत्या, धारा 302 का प्रकरण दर्ज

August 18th, 2018 16:08 IST
नाक-मुंह दबाकर की गई थी जिला संयोजक की हत्या, धारा 302 का प्रकरण दर्ज

डिजिटल डेस्क, सतना। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक अभिषेक सिंह की सरकारी बंगले में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश के मामले में नया मोड़ आ गया है। कथित तौर पर लगने वाली खुदकुशी दरअसल सुनियोजित कत्ल है। यह खुलासा शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की टीम ने किया है। पीएम के बाद टीम इस नतीजे पर पहुंची है कि जिला संयोजक के कत्ल में 4 से 5 लोगों की भूमिका हो सकती है। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर सिविल लाइन्स पुलिस ने भारतीय दण्ड विधान की धारा 302 के तहत मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया है।

एक नजर मामले पर
गौरतलब है कि जिला संयोजक अभिषेक सिंह अपने बंगले पर मृत पाए गए थे। श्री सिंह की पत्नी के सुबह फोन लगाने के बाद जब उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया था, तब उनकी पत्नी ने पति के ऑफिस के कर्मचारी को सरकारी आवास भेजकर फोन न उठाने की वजह जानने के लिए भेजा था। काफी देर खटखटाने के बाद भी जब अभिषेक ने दरवाजा नहीं खोला तो कर्मचारी पीछे की ओर गया जहां का दरवाजा खुला था। अंदर बेडरूम पहुंचते ही कर्मचारी को होश फाख्ता हो गए। बेड पर अभिषेक मृत अवस्था में चित लेटे थे। चादर में खून की कुछ बूंदें थी, जबकि बिस्तर पर इंसुलिन की एक खाली वॉयल, सिरिंज और मधुमेह की दवाई रखी थीं। मामले की जानकारी लगते ही पुलिस फौरन हरकत में आ गई थी।

मेडिकल कॉलेज में 8 सदस्यीय टीम ने किया पीएम
परिजनों के सतना जिला अस्पताल में पीएम कराने के इंकार के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया था। फोरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. एसपी गर्ग के नेतृत्व डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अनूप मिश्रा, कैज्युअल्टी डिपार्टमेंट के सीएमओ डॉ. अतुल सिंह, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी, पैथॉलॉजिस्ट डॉ. लोकेश त्रिपाठी, फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. आरके पाण्डेय, डॉ. नितिन प्रसाद और मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. अखिलेश तिवारी ने मिलकर शव का पोस्टमार्टम किया। पीएम की पूरी वीडियोग्राफी भी कराई गई।

मुंह के अंदर चोट के निशान,टूटा था जबड़ा
पीएम से पहले टीम ने सिविल लाइन्स थाना से डायरी मंगवाई ताकि यह देखा जा सके कि अभिषेक के शरीर में नजर आ रहे खरोंच जैसे निशान पहले से थे या शव को रीवा लाते समय बन गए। पोस्टमार्टम के दौरान टीम को अभिषेक के मुंह में  चोट के निशान मिले तो होंठ अंदर की तरफ कटे पाए गए। उसका जबड़ा भी टूटा था शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में डॉक्टरों की टीम ने माना कि हत्या में कम से कम 4-5 व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। विस्तृत रिपोर्ट बाद में भेजी जाएगी। इसके अलावा बिसरा सुरक्षित कर फॉरेसिंक जांच के लिए सागर भेज दिया गया है।

शरीर में इंसुलिन के ट्रेसेज नहीं
पोस्टमार्टम करने वाली टीम को अभिषेक के शरीर से न तो इंसुलिन के ट्रेसेज मिले और न ही खून में कोई मधुमेह की दवा पाई गई। यानि बिस्तर पर जो इंसुलिन का खाली वॉयल, सिरिंज और शुगर की टेबलेट मिली थी वह सिर्फ केस को डायवर्ट करने का प्रयास है।

डीएसपी के नेतृत्व में बनाई गई जांच टीम
शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सिविल लाइन्स पुलिस ने फिलहाल अज्ञात हत्यारे के विरुद्ध धारा 302 के तहत मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया है। अब हत्यारा एक है या फिर एक से अधिक पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंची है। उधर, अभिषेक का दाहसंस्कार उनके पैतृक गांव तिलखन में बुधवार को कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर ने एक जांच टीम भी बनाई है जिसमें डीएसपी अमर सिंह के नेतृत्व में सिविल लाइन्स थाना टीआई पुरुषोत्तम पाण्डेय, एसआई डीडी खान, प्रधान आरक्षक संतोष धुर्वे मामले की जांच करेंगे। इस टीम में एक महिला सब इंस्पेक्टर और फोरेंसिक ऑफिसर महेन्द्र सिंह भी शामिल रहेंगे।

इनका कहना है
शार्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर सिविल लाइन थाने में हत्या का मुकदमा पंजीबद्ध किया गया है। इस मामले की जांच के लिए डीएसपी अमर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम भी बनाई गई है।
संतोष सिंह गौर पुलिस अधीक्षक

कमेंट करें
zadmq
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।