दैनिक भास्कर हिंदी: तालाब के अंदर ड्रमों में भरी मिली शराब बनाने की सामग्री, अवैध शराब जब्त

June 14th, 2018

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। आबकारी विभाग की टीम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने की सामग्री और हाथ-भट्टी कच्ची शराब जब्त की है। पता चला है कि अधिकारियों को मुखबिर के माध्यम से खबर मिली कि पनागर क्षेत्र में स्थित एक तालाब के पास अवैध शराब का कारखाना संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही अफसरों का एक दल मौके पर पहुंचा और जांच अभियान शुरू किया। इस दौरान तालाब के किनारे तो बड़ी मात्रा में अवैध शराब व कच्ची शराब बनाने के लिए महुआ लाहन मिला, लेकिन अफसर हैरान रह गए जब तालाब के अंदर से ड्रमों में महुआ लाहन बरामद किया गया।

कंट्रोल रूम प्रभारी पीके जैन के अनुसार, अधिकारियों की एक टीम ने पनागर क्षेत्र के ग्राम ककरहाई में छापा मारकर बड़ी मात्रा में महुआ लाहन व शराब जब्त की है। अफसरों की टीम जब मौके पर पहुंची तो शराब बना रहे लोग वहां से भाग खड़े हुए। उन्होंने बताया कि पूरे क्षेत्र की तलाशी ली गई और वहां से साढ़े तीन क्विंटल से भी ज्यादा महुआ लाहन व अवैध हाथ भट्टी कच्ची शराब बरामद की गई। बताया गया कि मौके से 3 हजार 6 सौ किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया है, जिसके सैम्पल लेकर बाकी के लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसी प्रकार करीब 25 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब को जब्त किया गया है।

मामले में कुल 9 अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी रामजी पाण्डे, पवन झारिया, इंद्रजीत तिवारी, जीडी लाहौरिया, भारती गोंड़, आबकारी उप निरीक्षक नीरज दुबे, रामायण द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

लकड़ी के खूंटों के सहारे तालाब में रखे ड्रम
सूत्रों की माने तो शराब बनाने वालों ने लकड़ी के खूंटों के सहारे तालाब के अंदर महुआ लाहन से भरे ड्रमों को छुपा रखा था। जानकारों का कहना है कि तालाब में ड्रम इसलिए रखे गए थे, ताकि महुआ को सड़ाया जा सके और वह शराब बनाने के लिए उपयुक्त हो जाए। इसके लिए मौके पर शराब बनाने वालों ने चार लकडिय़ों के सहारे तालाब के अंदर ड्रम दबा कर रखे थे। अधिकारियों ने जब लकड़ी के खूंटे देखे तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने गोताखोरों को बुलवाकर तालाब के अंदर पड़ताल की तो पता चला कि वहां बड़े-बड़े ड्रम मौजूद हैं। इन्हें बाद में रस्सी से खींचकर बाहर निकाला गया और महुआ लाहन की मात्रा आंकी गई।