दैनिक भास्कर हिंदी: दुराचार के आरोपी पप्पू गोविंदानी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास, अर्थदण्ड भी लगाया

February 2nd, 2019

डिजिटल डेस्क, कटनी। विशेष न्यायालय कटनी ने नाबालिग से दुराचार करने वाले आरोपी पप्पू उर्फ बिशनदास गोविंदानी पिता लक्ष्मण दास उम्र 40 वर्ष निवासी कटनी को बीस वर्ष के सश्रम कारावास और बीस हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया किया है। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम न्यायालय ने फैसले में कहा है कि वर्तमान समय में महिलाओं के विरुद्ध अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध किए गए अपराध ने केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि नैतिकता के विरुद्ध भी है। विशेष लोक अभियोजक जे.पी. चौधरी ने मामले की पैरवी की।

यह है पूरा मामला
5 मई 2016 को आरोपी नाबालिग के घर में पहुंचकर उसके साथ ज्यादती किया। उस समय बालिका का पिता मजदूरी करने के लिए घर से बाहर गया हुआ था। उसी समय आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धरा 376(2) झ, ठ, धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट एवं धारा 3(1)(डब्लू), 3 (2)(5 क)अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तहत मामला कायम करते हुए चालान न्यायालय में पेश किया। जहां से आरोपी को धारा 376(2) एल के मामले में सजा सुनाई गई। अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर अभियुक्त को दो वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगताई जाए।

अप्राकृतिक कृत्य पर पांच साल की सजा
वहीं एक मामले में विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम न्यायालय अप्राकृतिक दुराचार पर आरोपी शेख सलीम वल्द शेख विशाली निवासी सोनारी बड़वारा को पांच साल के सश्रम कारावास एवं तीन हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। पीड़ित की शिकायत पर बड़वारा थाने में धारा 377, 506, धारा (3) (ई), (3)(2) तथा 3(2)(5) अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था। न्यायालय ने फरियादी एवं साक्षियों के बयान के आधार पर आरोपी शेख सलीम को धारा 377 में दोषी पाते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश पारित किया। इस प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक जे.पी.चौधरी ने पैरवी की।