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आधी रात को ही स्टेशन पहुुंच गए यात्री - 71 दिन बाद पटरी पर दौड़ी ट्रेनें

आधी रात को ही स्टेशन पहुुंच गए यात्री - 71 दिन बाद पटरी पर दौड़ी ट्रेनें

डिजिटल डेस्क जबलपुर । लॉकडाउन को अनलॉक करने की जद््दोजहद के बीच 71 दिनों के बाद आज सोमवार को  यात्री रेलगाडिय़ाँ पटरी पर वापस लौटीं । पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्यालय जबलपुर से सुबह 5.30 बजे प्लेटफॉर्म नं. 1 से जबलपुर-हबीबगंज एक्सप्रेस व जनशताब्दी एक्सप्रेस के साथ ट्रेनों के चलने का शुभारंभ हो गया । इसके बाद दोपहर 3 बजे प्लेटफॉर्म नं. 6 से जबलपुर से निजामुद्दीन स्टेशन तक चलने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस रवाना होगी। इतने दिनों से ट्रेन चलने का इंतजार कर रहे लोग आधी रात को ही स्टेशन पहुंच गए । 
यात्री की जुबानी
सुबह मुख्य रेलवे स्टेशन तक आने का साधन नहीं मिलता, इसलिए परिवार और सामान के साथ रात में ही मुख्य रेलवे स्टेशन आ गया हूँ.. अब कम से कम सुबह जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर करने को तो मिल जाएगा... यह कहना था इंदौर निवासी सुरेश नामदेव का, जो रविवार की रात को ही मुख्य रेलवे स्टेशन सामान लेकर परिवार सहित पहुँचे थे। वे 71 दिनों के बाद जबलपुर रेलवे स्टेशन पर पहुँचने वाले पहले यात्री हैं। श्री नामदेव अपनी पत्नी और दो बच्चियों के साथ स्टेशन पहुँचे थे, जिन्हें जीआरपी ने वेटिंग रूम में ठहरवाया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि वो इंदौर के रहने वाले हैं और 13 मार्च को जबलपुर में खमरिया पिंडरई पिपरिया में अपने एक रिश्तेदार के निधन पर शहर पहुँचे थे। 21 मार्च का उनका रिजर्वेशन था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वो यहाँ फँसकर रह गए। अब जनशताब्दी से वो भोपाल जाएँगे और फिर कार से इंदौर के लिए रवाना होंगे।
24 घंटे में जबलपुर स्टेशन से होकर गुजरेंगी 20 गाडिय़ाँ
24 घंटे में जबलपुर रेलवे स्टेशन से 20 ट्रेनें होकर गुजरेंगी। जो प्रस्थान स्टेशन से आज चलेंगी और रात तक मुख्य स्टेशन पर आएँगी। इनमें जबलपुर से इटारसी की ओर चलने वाली गाडिय़ों में  गुवाहाटी कुर्ला एक्सप्रेस, छपरा सूरत ताप्तीगंगा एक्सप्रेस, दानापुर सिकंदराबाद एक्सप्रेस, दानापुर बेंगलुरु एक्सप्रेस, दरभंगा कुर्ला पवन एक्सप्रेस, दानापुर पुणे एक्सप्रेस, पटना कुर्ला जनता एक्सप्रेस, बनारस सीएसएमटी महानगरी एक्सप्रेस और पाटिलीपुत्र कुर्ला सुपर शामिल हैं। वहीं जबलपुर से कटनी की ओर जाने वाली गाडिय़ों में कुर्ला दरभंगा पवन एक्सप्रेस, सिकंदराबाद दानापुर एक्सप्रेस, पुणे दानापुर एक्सप्रेस, कुर्ला पटना सुपर, सीएसएमटी बनारस महानगरी एक्सप्रेस, बेंगलुुरु पाटिलीपुत्र संघमित्रा एक्सप्रेस, कुर्ला गुवाहाटी एक्सप्रेस और सूरत छपरा ताप्तीगंगा एक्सप्रेस शामिल हैं। रेलवे के अनुसार जिन यात्रियों ने ऑनलाइन के जरिए कन्फर्म टिकट बुक कराई हैं, ऐसे यात्रियों को इन ट्रेनों में जबलपुर स्टेशन पर उतरने और चढऩे की सुविधा मिलेगी। 
 रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार जहाँ एक ओर दिल्ली की ओर जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस यात्रियों से फुल हो चुकी है, जिसमें लगभग 1322 टिकट्स बुक हुए हैं, वहीं दूसरी ओर जनशताब्दी में लगभग 440 सीटों की बुकिंग हो पाई है, जिसमें जबलपुर से आगे के स्टेशनों के यात्रियों द्वारा कराई गई टिकट बुकिंग भी शामिल है। रेलवे के सूत्रों के अनुसार 21 मार्च के बाद आज 1 जून से यात्री गाडिय़ों का संचालन शुरू किया जा रहा है, जिसको लेकर गत दिवस  डीआरएम संजय विश्वास सभी विभागों के प्रमुखों के साथ मुख्य रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन, कोरोना को लेकर सुरक्षा और सावधानियों का निरीक्षण कर चुके हैं। रविवार को जीआरपी थाना प्रभारी मनजीत सिंह और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी वीरेन्द्र सिंह ने अपने बलों के साथ स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चैकिंग स्टाफ की सुरक्षा के लिए उन्हें पीपीई किट, थर्मल स्क्रीनिंग के लिए डिवाइस, सेनिटाइजिंग की सुविधाएँ दी गई हैं। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।