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दैनिक भास्कर हिंदी: उत्तरप्रदेश और बिहार से कम दामों में व्यापाारी मंगा रहे उपज, अधिकारियों ने शुरू की जांच

November 21st, 2020



डिजिटल डेस्क कटनी। धान खरीदी में धांधली के बादल मंडराने लगे हैं। चार दिन बाद भी कई केन्द्रों में व्यवस्थाएं नहीं होने से खरीदी शुरु नहीं हो पाई है तो बहोरीबंद क्षेत्र के सिहुड़ी में तीन लोगों से 936 क्विंटल जब्त धान ने केन्द्र प्रभारियों और व्यापारियों के बीच गुपचुप समझौते को भी उजागर कर दिया है। गुरुवार को कलेक्टर के भ्रमण में यहां पर जानकारी लगी थी कि कुछ लोग खरीदी केन्द्र में उपज बेचने के लिए उत्तर प्रदेश से धान मंगा लिए हैं। देर रात तक संयुक्त टीम ने यहां पर छापामार कार्यवाही की। जिसमें पाया कि गोदामों में करीब बीस लाख रुपए का धान रखा हुआ है। शुक्रवार को अलग-अलग पॉलीथिन में सैंपल लेकर खाद्य विभाग ने जांच शुरु कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक तौर पर यह धान प्रदेश के बाहर का है।
खरीदी केन्द्र में रहा पंजीयन-
सिहुड़ी में जिन तीन लोगों से प्रशासन ने उत्तरप्रदेश का धान जब्त किया है। उन्होंने बकायदा खरीदी केन्द्र में पंजीयन भी कर लिया था। प्रमोद पटेल से 296 क्विंटल, संतोष कुमार जैन से 320 और एक अन्य ग्रामीण छत्रपाल पटेल के पास भी 320 क्विंटल धान जमा था। अफसरों ने अब जांच की दिशा पंजीयन और रकबे की सत्यापन की तरफ बढ़ा दी है। अफसरों का कहना है कि ये तीनों लोग कितने रकबे का पंजीयन कराए थे। इसका सत्यापन दोबारा किया जाएगा।
कमीशन का चलता है खेल-
बहोरीबंद क्षेत्र जिला का अंतिम छोर कहलाता है। यहां पर धान खरीदी के समय कमीशन का रंग खरीदी केन्द्र प्रभारियों के ऊपर इस तरह से चढ़ा रहता है कि बड़े व्यापारी आसानी से उत्तर प्रदेश से धान मंगाते हुए इसे खरीदी केन्द्र में खपा देते हैं। इसके लिए प्रत्येक क्विंटल में अलग से कमीशन भी तय होता है। जानकारों ने बताया कि उत्तरप्रदेश में धान का दर 1100 रुपए से लेकर 1200 रुपए प्रति क्विंटल रहता है। इसी का फायदा व्यापारी उठाते आ रहे हैं।
इनका कहना है-
 सिहुड़ी में तीन ग्रामीणों के यहां से भारी मात्रा में धान जब्त की गई है। प्राथमिक जांच में यही कहा जा सकता है कि यह उपज प्रदेश के बाहर की है। सैंपल का विधिवत रुप से परीक्षण कराया जा रहा है। परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।  
्र -पी.के.श्रीवास्तव, जिला
खाद्य आपूर्ति अधिकारी

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