दैनिक भास्कर हिंदी: रिटायर्ड हैल्थ वर्कर्स को लग गया टीका मेडिकल कॉलेज में कोरोना वैक्सीनेशन में सामने आई लापरवाही

January 18th, 2021

डिजिटल डेस्क जबलपुर । मेडिकल कॉलेज में हुए कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम में पहले दिन ऐसे हैल्थ वर्कर्स को भी टीका लगा दिया गया, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि पहले चरण में उन स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जा रहा है, जिन्होंने कोरोना काल में फ्रंट लाइन पर रहते हुए सेवाएँ दीं हैं। जिन्हें टीका लगा है उनमें रिटायर्ड कर्मियों समेत डॉक्टर्स भी शामिल हैं। यह पूरी गड़बड़ी हैल्थ वर्कर्स के पंजीकरण के दौरान हुई, जिसमें उस लिस्ट के नाम शामिल कर लिए गए, जिन्हें मेडिकल के अकाउंट डिपार्टमेंट से वेतन एवं पेंशन मिलती है। लिस्ट वैरीफाई किए बिना ही स्वास्थ्य विभाग तक जानकारी पहुँचा दी गई और जब कोविन पोर्टल पर सेशन क्रिएट किया गया तो उन लोगों तक भी टीका लगवाने के मैसेज पहुँच गए जिन्हें पेंशन मिलती है यानी सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मी, जो कि पहले चरण में वैक्सीन लगवाने की पात्रता नहीं रखते हैं। जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है, उन्हें तीसरे चरण में टीका लगाया जाना है।  
कॉमन लिस्ट के कारण लगे टीके -  इस मामले में डीन डॉ. पीके कसार का कहना है कि हैल्थ कर्मियों की जानकारी के लिए अकाउंट सेक्शन से लिस्ट माँगी   गई थी। कॉमन लिस्ट होने की वजह से सेवानिवृत्त डॉक्टर्स और अन्य हैल्थ वर्कर्स के नाम भी उसमें जुड़े हुए थे। इसी के चलते कुछ रिटायर्ड हैल्थ वर्कर्स और दो डॉक्टर्स को टीका लगा है।
सेवानिवृत्त कर्मी को अभी पात्रता नहीं 8 जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एसएस दाहिया का कहना है कि सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मी पहले चरण में वैक्सीन लगवाने की पात्रता नहीं रखते हैं। उन्हें पात्रता तभी मिल सकती है जब सेवानिवृत्त होने के बाद भी चिकित्सालय में उनकी सेवाएँ ली जा रहीं हों। 
और भी लोगों तक पहुँच सकता है मैसेज - कोरोना वैक्सीनेशन अभी लंबे वक्त तक चलना है, ऐसे में संभावना है कि मेडिकल कॉलेज द्वारा उपलब्ध कराई गई हितग्राहियों की सूची में सेवानिवृत्त कर्मियों और डॉक्टर्स के नाम अभी और हों,  जिन्हें आने वाले दिनों में टीका लगवाने के लिए मैसेज पहुँच सकता है।
 

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