कामठी: एसडीओ ने महाजेनको के सीई को दिया नोटिस, मुआवजा देना ही होगा

July 22nd, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर. कामठी के उपविभागीय अधिकारी (एसडीआे) श्याम मदनुरकर ने राख बांध फूटने के मामले में महाजेनको के मुख्य अभियंता राजेश कराडे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। राख बांध फूटने से हुए नुकसान को लेकर पीड़ितों को मुआवजा देने को भी कहा गया है। महाजेनको की तरफ से समय-समय पर हुई लापरवाही व गलती के लिए भी सफाई मांगी गई है। नुकसान भरपाई के लिए अनुमति लेनी होगी : कोराडी आैष्णिक विद्युत केंद्र के मुख्य अभियंता  (सिविल) राजेश कराडे ने पीड़ितों को नुकसान भरपाई देने की बात मानी। जिला प्रशासन की बातों को उन्होंने सकारात्मकता से लिया। वे अपने स्तर पर क्षतिपूर्ति नहीं दे सकते। उन्हें इसके लिए महाजेनको प्रबंधन के अलावा ऊर्जा मंत्रालय से भी अनुमति लेनी होगी। फिलहाल राज्य में ऊर्जा मंत्री नहीं हैं। इसलिए क्षतिपूर्ति पर तुरंत अमल नहीं हो सकता।  

गिनाई लापरवाही व गलती
एसडीआे श्याम मदनुरकर ने मुख्य अभियंता को नोटिस जारी कर उनका ध्यान राख बांध फूटने से हए नुकसान पर केंद्रित किया है। राख बांध फूटने से म्हसाला, खसाला, कवठा व खैरी गांव में खेती को नुकसान हुआ। इसी तरह शासकीय जलापूर्ति के दो कुआें में राख मिश्रित पानी मिल गया। यहां 4 मोटर पंप बंद हो गए। 12 किसानों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक भैस की भी मृत्यु हुई है। नालों व कैनल में राख जमा हो गई है। एडीआे ने पीड़ितों को नुकसान भरपाई देने को कहा है। एसडीआे ने नोटिस में स्पष्ट किया कि राख बांध को लेकर जो शिकायतें हुई थी, उस आेर महाजेनको ने ध्यान नहीं दिया था। महाजेनको को लापरवाही व गलती दिखाई देती है। राख बांध की मजबूती, दुुरुस्ती व तकनीकी उपायों को लेकर विस्तार से जवाब मांगा है। 

क्षतिपूर्ति को लेकर दो विभाग आमने-सामने : सामान्यत: क्षतिपूर्ति जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद मदद व पुनर्वसन विभाग देता है। जिला प्रशासन महाजेनको की लापरवाही सामने कर उसे ही क्षतिपूर्ति देने को कह रहा है। राजस्व व ऊर्जा विभाग आमने-सामने आ गया है। मुख्य अभियंता ने पूरे मामले पर संजीदगी व सकारात्मक रुख अपनाने से मामला शांत हुआ है। मुख्य अभियंता ने पीड़ितों के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया है।