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जजों की संपत्ति सार्वजनिक कराने हाईकोर्ट में पेश करो आवेदन

जजों की संपत्ति सार्वजनिक कराने हाईकोर्ट में पेश करो आवेदन

जबलपुर के अधिवक्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दी व्यवस्था
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
जजों की संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक किए जाने को लेकर दायर मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता को हाईकोर्ट में आवेदन पेश करने कहा है। यह मामल सुप्रीम कोर्ट में इसलिए दायर किया गया था, क्योंकि मप्र हाईकोर्ट ने सूचना के अधिकार के तहत जजों की संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक देने से इंकार कर दिया था।
गौरतलब है कि जबलपुर के अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा ने सूचना के अधिकार के तहत हाईकोर्ट के चीफ  जस्टिस सहित अन्य हाईकोर्ट जजों की संपत्ति का ब्यौरा मांगा था। उन्होने यह भी मांग की थी कि सभी न्यायाधीशों की संपत्ति का ब्यौरा बेवसाइट में सार्वजनिक किया जाये। हाईकोर्ट के लोक सूचना अधिकारी ने यह कहते हुए जानकारी देने से इंकार कर दिया था कि यह मुद्दा व्यक्तिगत जानकारी के तहत आता है। इसके खिलाफ सूचना आयोग के समक्ष अपील प्रस्तुत की गयी, लेकिन आयोग ने कहा था कि सूचना के अधिकार की धारा 8 ए के तहत सक्षम प्राधिकरण ने अभी जजों की संपत्ति संबंधित रिकॉर्ड रखने के आदेश जारी नहीं किये है। इस आधार पर याचिकाकर्ता की अपील खारिज कर दी गई, जिसके खिलाफ आवेदक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जजों की संपत्ति के ब्यौरे का मामला सुप्रीम कोर्ट की फुल बैंच में लंबित होने के मद्देनजर हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई स्थगित कर दी थी। इसके बाद सुको की फुल बैंच द्वारा सुभाष अग्रवाल के मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि मुख्य न्यायधीश का कार्यालय आरटीआई एक्ट में आता है। फुल बैंच ने उक्त आदेश के परिप्रेक्ष्य में सुको ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन दायर करने आवेदक को निर्देश जारी किए हैं।
 

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