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आमजनता के लिए क्यों बंद की गई रिज रोड? - जनहित याचिका पर नोटिस जारी कर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

आमजनता के लिए क्यों बंद की गई रिज रोड? - जनहित याचिका पर नोटिस जारी कर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

डिजिटल डेस्क जबलपुर । कोरोना संक्रमण की आड़ में सिविल लाईन्स की रिज रोड को सेना के द्वारा बंद किए जाने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सोमवार को मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफीसर कमांडिंग (जीओसी) व अन्य को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने अगली सुनवाई 8 जुलाई को निर्धारित की है। सिविल लाईन निवासी अनिल साहनी और दीपक ग्रोवर की ओर से दायर इस याचिका
में कहा गया है कि सेना ने कोरोना संक्रमण के दौरान घोषित हुए लॉकडाउन की आड़ में रिज रोड को दोनों ओर से आम व्यक्ति के लिए बीते मार्च माह से बंद कर दिया है। इस रोड का उपयोग आम जनता द्वारा शुरु से ही रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, डुमना एयरपोर्ट तथा सिविल लाईन व सदर आने जाने के लिए किया जाता रहा। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 3 नवम्बर 2016 को हाईकोर्ट ने संतोष यादव की जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए रिज रोड को सुबह 4 से रात 11 बजे तक खोलने के निर्देश दिए थे। इस फैसले के बाद भी सड़क को बंद किया जाना अवैधानिक है। 
मामले पर सोमवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी हाजिर हुए। उनकी दलील थी कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद भी यह रोड आम जनता के लिए नहीं खोली जा रही है। अहम बात यह है कि इस रोड पर बीएसएनएल का ट्रेनिंग सेंटर, धर्मशास्त्र लॉ यूर्निवर्सिटी भी स्थापित है और रादुविवि के अलावा एयरपोर्ट आने-जाने के लिए ज्यादातर इसी रोड का इस्तेमाल किया जाता है। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने मामले पर अनावेदकों को जवाब पेश करने के निर्देश दिए।
 

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