Pandhurna news: भुली जलाशयः सर्वे का विरोध जारी, ग्रामीणों के विरोध के बाद राजस्व टीम लौटी

भुली जलाशयः सर्वे का विरोध जारी, ग्रामीणों के विरोध के बाद राजस्व टीम लौटी
ग्रामीणों ने कहा मूल्यांकन व मुआवजे की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक जारी रहेगा विरोध

डिजिटल न्यूज पांढुर्ना

भुली के समीप छिंदवाड़ा सिंचाई काॅम्प्लेक्स के अंतर्गत जलाशय निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत रिहायशी क्षेत्र की जमीन अधिग्रहण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को एक बार फिर राजस्व टीम जलाशय निर्माण में अधिग्रहित होने वाले मकानों व भूखंडों का फिजिकल सर्वे शुरू करने पहुंची, पर सर्वे टीम को फिर से ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।

इस दौरान ग्रामीणों ने राजस्व की टीम से सर्वे और मुआवजे के अवार्ड पारित होने को लेकर पूर्व में आई विसंगतियों के संबंध में सवाल किए। साथ ही ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि मकान व भूखंड की दरें और मुआवजे की स्पष्ट जानकारी मिलने तक सर्वे नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि खाली पड़े भूखंडों को कृषि भूमि की श्रेणी में शामिल कर आंकलन किया जा रहा है। ऐसे में खाली भूखंड का भी कृषि भूमि के रूप में आंकलन होने से संबंधित जमीन मालिकों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। किसानों की मांग है कि अधिग्रहण से पहले जमीन की स्थिति और उसके मूल्य का स्पष्ट निर्धारण किया जाए। राजस्व टीम के सामने ग्रामीणों ने जलाशय के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीनों की दर पहले सार्वजनिक करने की मांग कीं। किसानों ने कहा कि उन्हें यह जानकारी ही नहीं है कि उनकी जमीन किस दर पर ली जाएगी और कितना मुआवजा मिलेगा। जब तक जमीन की कींमत और मुआवजे की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक सर्वे और अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा।

ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए यह भी आरोप लगाए कि शुरूआत से ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के अंतर्गत किसानों को पूरी व स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। ग्राम सरपंच दिलीप घागरे ने कहा कि कुछ किसानों की खेती की जमीन का सर्वे बिना पूर्व सूचना के किए जाने की भी बात सामने आई है। वहीं कुछ किसानों के बिना सहमति के भी अवार्ड जारी होने की जानकारी मिल रही है। मंगलवार को भी किसानों व ग्रामीणों के विरोध के बाद राजस्व टीम को वापिस लौटना पड़ा।

Created On :   6 Oct 2026 2:18 PM IST

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