MP News: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने CM को लिखा पत्र, 150 करोड़ का हुआ गेहूं घोटाला, कराएंं जांच

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने CM को लिखा पत्र, 150 करोड़ का हुआ गेहूं घोटाला, कराएंं जांच

डिजिटल डेस्क, भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर रायसेन और सीहोर जिले से जुड़े गेहूं घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने गेहूं घोटाले में गंभीर आर्थिक अनियमितता बताई और आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) से जांच कराने की मांग की है। सिंह ने पत्र में लिखा है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र बुधनी व वर्तमान लोकसभा क्षेत्र से संबंधित इस मामले में लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे पहले भी 25 जुलाई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग कर चुके हैं, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रायसेन जिले की औबेदुल्लागंज तहसील के दिवटिया, औबेदुल्लागंज और नूरगंज स्थित सरकारी वेयर हाउस में रखे गेहूं की देखरेख और भंडारण में अत्यधिक खर्च किया गया, जबकि लगभग 40 हजार टन गेहूं सड़कर पूरी तरह खराब हो गया। इस गेहूं का बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपये बताया गया है। इसके रखरखाव और किराये पर ही लगभग 150 करोड़ रुपये व्यय कर दिए गए।

वर्ष 2017 से 2020 के बीच समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं को समय पर न तो भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने उठाया और न ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिए जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया। लंबे समय तक भंडारण के कारण गेहूं में कीड़े लग गए और वह अनुपयोगी हो गया। सिंह ने आरोप लगाया है कि जब गेहूं खराब हो गया, तो उसे जिम्मेदार निजी गोदाम संचालकों को बचाने के उद्देश्य से बकतरा (सीहोर) से हटाकर रायसेन जिले के वेयर हाउस में स्थानांतरित कर दिया गया। इस प्रक्रिया में परिवहन कार्य भी कथित रूप से एक करीबी व्यक्ति को सौंपा गया, जिसमें करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। पूरे प्रकरण में जानबूझकर गेहूं को 4-5 वर्षों तक गोदामों में रखा गया ताकि संबंधित गोदाम मालिकों को भारी-भरकम किराया दिया जा सके। जबकि नियमानुसार अतिरिक्त स्टॉक होने पर समय पर नीलामी या वितरण किया जाना चाहिए था। सिंह ने से मांग की है कि निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हों। दोषी अधिकारियों और निजी गोदाम मालिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

Created On :   16 April 2026 10:20 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story