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Shahdol news: विलुप्त होने की कगार पर इतवारी मोहल्ला तालाब

डिजिटल न्यूज़ शहडोल
प्रदेश के शहरों में अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनी निर्माण को पूरी तरह से रोकने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और कठोर कानून लागू करने के निर्देश के साथ ही अवैध निर्माणों पर सख्ती करने के साथ-साथ कड़ा कानून मप्र कॉलोनी अधिनियम-2026 लाने की तैयारियों के बीच शहडोल में अवैध निर्माण रूक नहीं रहा। वार्ड क्रमांक 11 स्थित प्राथमिक पाठशाला इतवारी मोहल्ला के सामने मलबे से बनी कच्ची सडक़ और दूसरी तस्वीर पर नजर आ रहे मकान का निर्माण तालाब और उसके कैचमेंट एरिया में हो गया। आसपास के रहवासी बताते हैं कि कुछ लोगों ने तालाब और कैचमेंट एरिया में इसी तरह से धीरे-धीरे मिट्टी पाटकर जमीन को समतल मैदान में बदला और फिर धीरे से मकान बनाने के लिए बिक्री कर दिया। भू-माफिया की इस खुलेआम मनमानी पर राजस्व विभाग में पटवारी और आरआई से लेकर नगर पालिका के वार्ड दरोगा और दूसरे कर्मचारी आंख मूंदे रहे। नतीजा सामने है। इतवारी मोहल्ला के इस तालाब को लोग अब तलैया कहने लगे हैं, इतना ही नहीं तालाब धीरे-धीरे विलुप्तता की कगार पर पहुंच गया है। कुछ दशक पहले आसपास के लोगों का इस तालाब से निस्तार होता था, आज की स्थिति में लगता ही नहीं कि यहां कभी तालाब रहा होगा। शहर में जल संरक्षण की दिशा में काम कर रहे समाजसेवी भू-माफिया की मनमानी और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय रहते कार्रवाई के बजाय आंख मूंद लेने की कार्यशैली से चिंतिंत हैं। स्थानीय नागरिक बताते हैं कि इसी तर्ज पर शहडोल के ज्यादातर तालाब पर विलुप्त हो गए या होते जा रहे हैं। शहर में ही सौ से ज्यादा तालाब का नामोनिशान मिट गया।
Created On :   9 Aug 2026 2:15 PM IST










