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Shahdol News: रेल सुविधाओं के विस्तार में भारी पड़ रही एसईसीआर की उपेक्षा

डिजिटल डेस्क,शहडोल। मध्यप्रदेश के प्रमुख संभाग मुख्यालय में से एक शहडोल में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) की उपेक्षा का नुकसान अब दिखने लगा है। एसईसीआर नागपुर के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक द्वारा 12 मार्च को जारी पत्र सोशल मीडिया मेें वायरल हो रहा है। इसमें नैनपुर रेलवे स्टेशन में कोचिंग काम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।
एसईसीआर के इस पत्र पर शहडोल में रेलवे के जानकार कह रहे हैं कि फिलहाल नैनपुर से एक ट्रेन नैनपुर-इंदौर पंचवेली एक्सप्रेस ही बनकर चल रही है, इसके बाद भी एसईसीआर ने वहां कोचिंग काम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित किया है।
दूसरी ओर एसईसीआर के बिलासपुर मंडल के शहडोल रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 4 ट्रेनें शहडोल-नागपुर, शहडोल-अबिंकापुर 2 ट्रेन और शहडोल-बिलासपुर मेमू के चलने के बाद भी वाशिंग पिट निर्माण की मांग की अनदेखी हो रही है।
यात्री बोले- इन मांगों का पूरा होना जरूरी
> 12853 अमरकंटक एक्सप्रेस की टाइमिंग 2 घंटे पहले किया जाए, इससे शहडोल संभाग के यात्री राजधानी भोपाल सुबह 8 बजे पहुंच सकेंगे। इसी प्रकार वापसी में ट्रेन क्रमांक 12854 भोपाल-दुर्ग की टाइमिंग 5 घंटे बाद कर रात 9 बजे रवाना किया जाए।
> 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस को नागपुर तक बढ़ाया जाए। इससे अंचल के लोगों को नागपुर के लिए ओवरनाइट की सुविधा मिलेगी। वापसी में ट्रेन क्रमांक 18236 को भोपाल से इंदौर बढ़ाया जाए। इससे इंदौर के लिए नर्मदा एक्सप्रेस के अलावा एक और ट्रेन की सुविधा मिलेगी।
> 2017 में प्रस्तावित रीवा-ब्योहारी से जयसिंहनगर नई रेल लाइन का जल्द प्रारंभ कर इसे शहडोल से डिंडोरी होते हुए मंडला तक जोड़ा जाए।
> शहडोल रेलवे स्टेशन में रैंप का निर्माण कर प्लेटफार्म एक व दो-तीन की ऊंचाई बढ़ाई जाए। ऊंचाई कम होने से यात्रियों को ट्रेन से उतरने और चढ़ने के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बीमार एवं बुजुर्ग यात्रियों को प्लेटफार्म बदलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी अनदेखी न हो।
शहडोल अंचल से रेलवे को पर्याप्त आय होने के बाद भी रेल सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां वाशिंग पिट का निर्माण जरूरी है। जब नैनपुर में कम ट्रेन के बाद भी कोचिंग काम्प्लेक्स निर्माण प्रस्तावित है तो शहडोल में निर्माण जरूर होना चाहिए।
-दीपक गौतम समाजसेवी शहडोल
शहडोल में वाशिंग पिट का निर्माण किए जाने के साथ ही रैंप निर्माण और प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़ाने की मांग रखी गई है। यह बात सही है कि एसईसीआर रेलवे का पूरा ध्यान छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों पर होने के कारण शहडोल का नुकसान हो रहा है।
-राजेंद्र सोनी सदस्य जेडआरयूसीसी शहडोल
शहडोल में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर एसईसीआर को रवैया बदलना पड़ेगा। अंचल की मांगों को पूरा करने की दिशा में रेलवे द्वारा जल्द ही आश्वासन नहीं दिया जाता है तो नागरिक आंदोलन को विवश होंगे।
-संदीप अग्रवाल शहडोल सम्भाग नागरिक विकास मंच
एसईसीआर द्वारा लगातार मांग के बाद भी शहडोल की उपेक्षा की जा रही है। इस बारे में जनप्रतिनिधियों को आगे आकर जनता की मांगों को पूरा करने की दिशा में ध्यान देना चाहिए।
-नवोद चपरा दैनिक रेल यात्री संघ शहडोल
Created On :   24 March 2026 4:26 PM IST












