IPL 2026: यह सालों की मेहनत और पिता के संघर्ष व त्याग का नतीजा', मुकुल चौधरी ने बताई अपने क्रिकेटर बनने की कहानी

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। 9 अप्रैल यानि कल कोलकाता में लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल का 15वां मुकाबला खेला गया। इस मैच में कलकत्ता के दिए 182 रन का पीछा करते हुए लखनऊ की टीम ने अपने सभी बड़े बल्लेबाज 125 रन पर आउट हो गए थे। ऐसा लग रहा था कि लखनऊ ये मैच हार जाएगी। लेकिन, युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने 27 बॉल पर 2 चौके और 7 छक्के की सहायता से नाबाद 57 रन की पारी खेलकर कोलकाता के हाथ से जीत छीन ली। उनकी टीम ने यह रोमांचक मैच तीन विकेट से अपने नाम कर लिया। मैच के बाद मुकुल की चर्चा हर जगह हो रही है।
मैच के बाद मुकुल ने अपने क्रिकेटर बनने की कहानी बताई है। उन्होंने बताया है कि कैसे उनके पिता दलीप चौधरी ने उन्हें क्रिकेटर बनाने के लिेए संघर्ष और त्याग किया। मुकुल ने बताया कि उनके पिता राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (RAS) एग्जाम की तैयारी कर रहे थे। लेकिन जब उन्हें लगा कि या तो वो खुद अपना करियर बना सकते हैं या फिर बेटे को क्रिकेटर बनाने में मेहनत कर सकते हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और बेटे को क्रिकेटर बनाने का फैसला किया। इसके साथ ही मुकुल ने बताया कि क्रिकेट में उनका आदर्श महेंद्र सिंह धोनी हैं। उनका सपना भी धोनी की तरह ही फिनिशर बनने का है।
पिता ने किया बड़ा त्याग
मुकुल ने जियो हॉटस्टार से बात करते हुए अपने पिता के संघर्ष के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने मेरे जन्म से पहले ही ये सोच लिया था कि यदि लड़का हुआ तो उसे क्रिकेटर बनाएंगे। उन्होंने बताया, " मेरे पिता का सपना बड़े लेवल पर क्रिकेट खेलना था। हम एक बहुत ही गरीब परिवार से आते हैं और वह चाहते थे कि परिवार का कोई सदस्य क्रिकेट खेले। आजकल, क्रिकेट में बहुत पैसा और शोहरत है। क्रिकेट उनका पसंदीदा खेल है, लेकिन हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह खुद पेशेवर तौर पर क्रिकेट खेल पाते। उनकी शादी से पहले ही उन्होंने सोच लिया था कि जब उनका बेटा होगा, तो वह उसे क्रिकेट जरूर खिलाएंगे। जब मैं छोटा था, तब हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी और उनके लिए मुझे किसी क्रिकेट एकेडमी में दाखिला दिलाना मुमकिन नहीं था। उस समय, वह एक कॉलेज में पढ़ाते भी थे और साथ ही RAS की तैयारी भी कर रहे थे।"
उन्होंने आगे कहा, "मेरे पिता को लगा कि या तो वह RAS की तैयारी कर सकते हैं या फिर मुझे पेशेवर तौर पर क्रिकेट खिला सकते हैं। इसलिए, उन्होंने अपनी तैयारी छोड़ दी और प्रॉपर्टी से जुड़ा छोटा-मोटा काम करने लगे। जब मैं 12 साल का हुआ, तो उन्होंने पहली बार सीकर शहर की SBS क्रिकेट एकेडमी में मेरा एडमिशन करवाया।"
यहीं से मुकुल और उनके पिता की असली परीक्षा शुरू हुई। आजतक को दिए इंटव्यू में दलीप ने बताया आमदनी ज्यादा न होने की वजह से खर्च बढ़ता जा रहा था। ऐसे में उन्होने अपने घर को बेचने का फैसला किया। इससे मिले 21 लाख रुपयों को उन्होंने पूरी तरह अपने बेटे के क्रिकेट करियर में लगा दिया।
आमदनी के लिए कर्ज लेकर होटल का कारोबार शुरू किया, लेकिन किश्तों को समय पर न भर पाने की वजह से वह जेल तक चले गए। इस बारे में उन्होंने कहा, 'मैंने कोई धोखाधड़ी नहीं की, लेकिन हालात मेरे खिलाफ थे।'
ऐसे समय में रिश्तेदारों ने भी दलीप का साथ छोड़ दिया, उन्हें ताने दिए गए। कहा गया कि अपनी जिंदगी बर्बाद करने के बाद बेटे की न करो...। लेकिन इन बातों से दलीप टूटे नहीं बल्कि उन्होंने बेटे को क्रिकेटर बनाने का इरादा और मजबूत कर लिया।
धोनी को मानते हैं आदर्श
मुकुल टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा एमएस धोनी को अपना आदर्श मानता हूं, क्योंकि मैं भी एक फिनिशर हूं। मैं हमेशा उनसे प्रेरणा लेता हूं। उनका 'हेलीकॉप्टर शॉट', जो कि बहुत आइकोनिक है, वह मेरा पसंदीदा है। जिस तरह से उन्होंने 2011 वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी की थी, वह कोई नहीं भूला है। मेरी इच्छा भी उनकी ही तरह बनने की है, मैं भी मैचों को फिनिश करना चाहता हूं, उनकी जैसे ही टीम को जिताना चाहता हूं।"
राजस्थान के लिए खेलते हैं डोमेस्टिक क्रिकेट
8 अगस्त, 2004 को राजस्थान के झुंझनू में मुकुल चौधरी का जन्म हुआ था। वह एक विकेटकीपर/बल्लेबाज हैं, जो कि राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं। उन्होंने अभी तक 4 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिनमें उनके नाम 103 रन हैं। वहीं लिस्ट-ए में उनके नाम 5 मैचों में 71 रन दर्ज हैं। मुकुल ने अभी तक 10 टी20 में कुल 280 रन बनाए हैं। उन्हें असली पहचान मिली 2025-26 अंडर-23 लिस्ट-ए ट्रॉफी में। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 2 शतक और 4 अर्धशतक की मदद से 617 रन बनाए। वह 39 छक्कों के साथ टूर्नामेंट के हाईएस्ट सिक्स हिटर थे। इसके बाद जब लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें आईपीएल ऑक्शन में 2.60 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा था तो सबसे पहले मुकुल ने यही कहा कि इस रकम से वो सबसे पहले अपने पिता का कर्जा चुकाएंगे।
केकेआर के खिलाफ ईडन गार्डन्स में खेली गई मुकुल की नाबाद 54 रन की पारी उनके और पिता के सालों के संघर्ष, मेहनत और त्याग का परिणाम थी।
Created On :   10 April 2026 7:09 PM IST












