दैनिक भास्कर हिंदी: Panchak: सोमवार से शुरू हुआ पंचक काल, डरें नहीं इन दिनों में कर सकते हैं ये शुभ कार्य

June 29th, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिन्दू धर्म में किसी भी कार्य के पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है, ताकि कार्स सकुशल संपन्न हो सके। वहीं कुछ नक्षत्र ऐसे भी होते हैं जिन्हें बहुत अशुभ माना जाता है। इन नक्षत्रों में शुभ कार्य करने के बाद या तो उसमें बाधा आती है या फिर उस कार्य में सफलता मिलना कठिन हो जाता है। ज्योतिष में अशुभ और पांच हानिकारक नक्षत्रों के योग को पंचक (Panchak) कहा गया है। लेकिन राज पंचक को शुभ माना गया है, जिसकी शुरुआत सोमवार (28 जुलाई) से हो चुकी है और यह 03 जुलाई तक रहने वाला है।

दरअसल, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अलग-अलग वार को पड़ने वाले पंचक का प्रभाव और नाम अलग-अलग होता है। चूंकि पंचक सोमवार से प्रारंभ हो रहे हैं, इसलिए इसे राज पंचक के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इसके प्रभाव से पंचक के दौरान सरकारी कामों में सफलता के योग बनते हैं। आइए जानते हैं पंचक के प्रकार के बारे में...

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1. रोग पंचक
रविवार को पड़ने वाला पंचक रोग पंचक कहलाता है। इस पंचक के प्रभाव से पूरे पांच दिनों तक शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय किसी भी प्रकार के शुभ कार्य करने की मना ही होती है। 

2. राज पंचक
सोमवार को पड़ने वाले पंचक को राज पंचक नाम दिया गया है। इसके प्रभाव से इन पांच दिनों में सरकारी कार्यों में सफलता मिलती है। राज पंचक में सम्पत्ति से जुड़े कार्य करना भी शुभ रहता है। इस पंचक काल में हर तरह के मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।

3. अग्नि पंचक
मंगल पंचक के दौरान पांच दिनों में कोर्ट-कचहरी और विवाद आदि के फैसले, अपना हक प्राप्त करने वाले काम किए जा सकते हैं। इस पंचक में अग्नि का भय होता है। इस पंचक काल के दौरान किसी भी तरह का निर्माण कार्य, औजार और मशीनरी कामों की शुरूआत को अशुभ माना जाता है।

4. चोर पंचक
शुक्रवार से शुरू होने वाला पंचक चोर पंचक कहलाता है। ज्योतिष के अनुसार इस पंचक में यात्रा ना करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा इस पंचक में लेनदेन, व्यापार, किसी भी तरह का सौदा नहीं करना चाहिए।

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5. मृत्यु पंचक
शनिवार को शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहा गया है। जैसा कि नाम से विदित होताहै कि यह पंचक मृत्यु के समान परेशानी देने वाला होता है। इस पंचक काल के दौरान  किसी भी तरह का शुभ काम नहीं करना चाहिए। इसके प्रभाव से विवाद, चोट, दुर्घटना आदि होने का खतरा रहता है।