Sankarshan Chaturthi 2026: संकर्षण चतुर्थी पर इस विधि से करें भगवान गणेश जी की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त

संकर्षण चतुर्थी पर इस विधि से करें भगवान गणेश जी की पूजा, जानिए  शुभ मुहूर्त
वैशाख मास चल रहा है और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी का व्रत रखा गया है।

डिजिटल डेस्क, भोपााल। हिन्दू धर्म में चतुर्थी को विशेष तिथि के रूप में देखा जाता है। यह महीने में दो बार आती है, एक कृष्ण और दूसरी शुक्ल पक्ष में। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को ‘विनायकी’ और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को ‘संकष्टी’ व्रत रखा जाता है। यह दिन भगवान श्री गणेश को समर्पित है। फिलहाल, वैशाख मास चल रहा है और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी का व्रत रखा गया है, इसे संकर्षण चतुर्थी (Sankarshan Chaturthi) के नाम से जाना जाता है। इस व्रत को सभी कष्टों का हरण करने वाला माना जाता है। आइए जानते हैं संकष्टि चतुर्थी का मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में...

तिथि कब से कब तक

चतुर्थी तिथि आरंभ: 20 अप्रैल 2026, सोमवार की सुबह 7 बजकर 27 मिनट से

चतुर्थी तिथि समापन: 21 अप्रैल 2026, मंगलवार की सुबह 4 बजकर 14 मिनट तक

उदया तिथि के अनुसार विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का व्रत सोमवार, 20 अप्रैल को है।

पूजन विधि

- पूजा के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा को ईशानकोण में चौकी पर स्थापित करें।

- चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा पहले बिछा लें।

- भगवान के सामने हाथ जोड़कर पूजा और व्रत का संकल्प लें।

- बप्पा को जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें।

- ओम ‘गं गणपतये नम:’ मंत्र बोलते हुए गणेश जी को प्रणाम करें।

- इसके बाद एक थाली या केले का पत्ता लें, इस पर आपको एक रोली से त्रिकोण बनाना है।

- त्रिकोण के अग्र भाग पर एक घी का दीपक रखें। इसी के साथ बीच में मसूर की दाल व सात लाल साबुत मिर्च को रखें।

- पूजन के बाद चंद्रमा को शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध से अर्घ्य दें, पूजन के बाद लड्डू प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें।

गणेश जी पूजा मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

ॐ एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात् ॥

ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नम:।।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष, वास्तुशास्त्री) की सलाह जरूर लें।

Created On :   20 April 2026 4:30 PM IST

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