Skanda Sashti 2026: इस व्रत को करने से जीवन में आती है सुख- समृद्धि, जानिए पूजा विधि और मुहूर्त

इस व्रत को करने से जीवन में आती है सुख- समृद्धि, जानिए पूजा विधि और मुहूर्त

डिजिटल डेस्क, भोपाल। हर महीने की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी (Skand Shashthi) का व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस तिथि पर भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था। भगवान स्कंद को मुरुगन, कार्तिकेयन और सुब्रमण्य नाम से भी जाना जाता है।

ऐसा माना जाता है कि, स्कंद षष्ठी के दिन व्रत करने से जीवन में सुख- समृद्धि आती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। मार्गशीर्ष मास में स्कंद षष्ठी का व्रत 21 अप्रैल 2026, मंगलवार को है। आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त और पूजा विधि...

षष्ठी तिथि कब से कब तक

षष्ठी तिथि आरंभ: 22 अप्रैल देर रात 1:19 मिनट से

षष्ठी तिथि सामपन: 22 अप्रैल रात्रि 10:49 बजे सतक

पूजा विधि

- स्कन्द षष्ठी के दिन व्रतधारी दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके बैठें और फिर भगवान कार्तिकेय का पूजन करें।

- साफ स्थान पर भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित करें।

- एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा आरंभ करें।

- पूजा में चंपा के पुष्प को शामिल करें।

- घी का दीपक जलाएं, साथ ही और अगरबत्ती या धूप जलाएं।

- भगवान कार्तिकेय को रोली का तिलक लगाएं।

- भगवान कार्तिकेय को मिष्ठान अर्पित करें।

- पूजन के बाद भगवान कार्तिकेय की कथा पढ़ें या सुनें।

इन मंत्रों का करें जाप

ॐ षडाननाय नमः

ॐ स्कन्ददेवाय नमः

ॐ शरवणभवाय नमः

ॐ कुमाराय नमः

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   21 April 2026 7:00 PM IST

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