Vijaya Ekadashi 2026: 12 या 13 फरवरी, किस दिन है विजया एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

डिजिटल डेस्क, भोपाल। सनातन धर्म में विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) का काफी महत्व बताया गया है। यह हर वर्ष फाल्गुन माहके कृष्ण पक्ष में आती है। यह दिन जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि, इस दिन जो भी व्यक्ति व्रत रखने के साथ ही पूरे विधि विधान से श्रीहरि की पूजा करता है उससे भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं।
हालांकि, इस बार एकादशी व्रत की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई लोग 13 तो कई 14 फरवरी को एकादशी माने जाने की बात कह रहे हैं। हालांकि, वैदिक पंचांग के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी के दिन रखा जाएगा। आइए जानते हैं इस व्रत का महत्व, सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि के बारे में...
विजया एकादशी व्रत का महत्व
पुराणों के अनुसार, विजया एकादशी व्रत को रखने के बाद भगवान श्रीराम को समुद्र मार्ग पार करने का रास्ता मिला था। ऐसा माना जाता है कि, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से साधक को जीवन में विजय प्राप्त होती है।
तिथि कब से कब तक
एकादशी तिथि आरंभ: 12 फरवरी 2026, गुरुवार की दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से
एकादशी तिथि समापन: 13 फरवरी 2026, शुक्रवार की दोपहर 02 बजकर 25 मिनट तक
विजया एकादशी की पूजा विधि
- एकादशी के दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण्र करें।
- इसके बाद सूर्य को अर्ध्य देकर व्रत का संकल्प लें।
- घर के मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें।
- पूजा में सप्त धान्य घट स्थापना करें।
- सात धान्यों में गेंहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर शामिल करें।
- सप्त धान्य घट पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
- इसके बाद पूजा में धूप, दीप, नैवेद्य, फूल, फल, तुलसी और नारियल भगवान को अर्पित करें।
- पीले पुष्प, ऋतुफल, तुलसी आदि अर्पित कर धूप-दीप से आरती उतारें।
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Created On :   10 Feb 2026 5:31 PM IST














