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UP Result: यूपी बोर्ड के रिजल्ट घोषित, 12वीं में अनुराग मलिक और 10वीं में रिया जैन ने किया टॉप, यहां देखें परिणाम

UP Result: यूपी बोर्ड के रिजल्ट घोषित, 12वीं में अनुराग मलिक और 10वीं में रिया जैन ने किया टॉप, यहां देखें परिणाम

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश 10वीं-12वीं बोर्ड (UP Board Result 2020) परीक्षा के नतीजे (Result) आज (शनिवार) घोषित कर दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने नतीजों का ऐलान किया। 12वीं में अनुराग मलिक ( 97%) और 10वीं में रिया जैन (96.67%) ने टॉप किया है। बता दें कि, प्रदेश में करीब 56 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने परीक्षाएं दी थी। बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in और upmsp.edu.in पर जाकर आप अपना रिजल्ट डाउनलोड कर सकते हैं। 

परीक्षा परिणाम के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंhttp://upresults.nic.in/

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शनिवार को राजधानी के लोकभवन में यूपी बोर्ड परीक्षा-2020 का परिणाम घोषित कर दिया। इस बार हाई स्कूल व इंटरमीडिएट दोनों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में अच्छा आया है। हाईस्कूल में 83.31 फीसद और इंटरमीडिएट में 74.63 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया, इस बार हाई स्कूल व इंटरमीडिएट दोनों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में अच्छा आया है। हाईस्कूल में 83.31 फीसद परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.22 है। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों की अपेक्षा 7.10 प्रतिशत अधिक है। इंटरमीडिएट में 74. 63 फीसद विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इंटरमीडिएट का पास परसेंटेज 74.50 रहा। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों की अपेक्षा 13 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने बताया कि हाई स्कूल में बागपत की रिया जैन ने 96.67 फीसद अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे नंबर पर बाराबंकी के अभिमन्यु वर्मा 95. 83 फीसद अंक मिला। बाराबंकी के ही योगेश प्रताप सिंह तीसरे नंबर पर रहे। उन्हें 95.33 फीसद अंक मिले हैं।

डॉ. शर्मा ने बताया, इंटरमीडिएट में बागपत के अनुराग मलिक ने पहला स्थान प्राप्त किया। उन्हें 97 फीसद अंक प्राप्त हुए हैं। दूसरे नंबर पर प्रयागराज के प्रांजल को 96 प्रतिशत अंक मिला और तीसरे नंबर पर औरैया के उत्कर्ष शुक्ला 94़ 80 फीसद अंक मिला।

उप मुख्यमंत्री ड़ॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि इस बार 10वीं व 12वीं की परीक्षा में कुल 51,30,481 परीक्षार्थी शामिल हुए। जिसमें 10वीं में 27,44,976 परीक्षार्थी व 12 में 23,85, 505 परीक्षार्थी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परीक्षा परिणाम अच्छे रहे।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, कोरोना के संक्रमण काल में यह परिणाम घोषित होना बड़ी उपलब्धि है। दो करोड़ 96 लाख कपियों को 21 दिनों में जांचना भी बड़ी उपलब्धि है। इस बार नकल विहीन परीक्षा हो, इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। लखनऊ से परीक्षा केंद्रों का लाइव मॉनिटरिंग की जा रही थी। इस बार परीक्षा में तकनीक का पूर उपयोग किया गया। इस बार पहली बार इंटरमीडिएट में कंपार्टमेंट की व्यवस्था की गई है। यानी जो उनुत्तीर्ण हुए हैं उन्हें फिर उत्तीर्ण होने का अवसर मिलेगा।

पहली बार लखनऊ से जारी किए गए रिजल्ट
उप्र बोर्ड हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 के परिणाम एक साथ पहली बार राज्य की राजधानी से प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने जारी किया। इससे पहले परीक्षा के परिणाम बोर्ड मुख्यालय प्रयागराज से जारी होते थे। हालांकि इससे पहले बोर्ड के सभापति एवं सचिव में आपसी तालमेल नहीं होने के चलते दो बार हाईस्कूल के परिणाम लखनऊ स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशक (सभापति) के कार्यालय से जारी हो चुके हैं।

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बोर्ड परीक्षा के परिणाम 27 जून को दोपहर 12.00 बजे मिल जाएंगे। इस बार बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2020 की परीक्षा में 56,07,118 परीक्षार्थी शामिल हुए। जिसमें हाईस्कूल के 30,22,607 परीक्षार्थी और इंटरमीडिएट के 25,84,511 परीक्षार्थी हैं। इसके लिए प्रदेश भर में 7784 परीक्षा केन्द्र बनाए गए। इस बार प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। बोर्ड परीक्षाओं की निगरानी के लिए प्रदेश भर में कुल 19 लाख कैमरे लगाए गए।

इसके अलावा 1.88 लाख कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए गए थे, जिनको परीक्षा केंद्र पर अपने पहचानपत्र और आधार कार्ड के साथ ड्यूटी करने को कहा गया था। इस बार संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की संख्या 700 तथा अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों की संख्या 275 थी।

कोरोना संकट के चलते इस बार छात्रों को डिजिटल अंक पत्र और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। अंक और प्रमाण पत्र को वेबसाइट से डाउनलोड कर स्कूलों से छात्रों को वितरित किए जाएंगे। डिजिटल अंक पत्र और प्रमाण पत्र तीन दिनों के अंदर स्कूलों के प्रधानाचार्य के माध्यम से छात्रों को मिल जाएंगे। 

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