Lukkhe Cast Interview: 'राह बनाने के लिए थोड़ा भटकना पड़ता है’ वेब सीरीज ‘लुक्खे’ से एक्टिंग डेब्यू करेंगे किंग, पलक तिवारी बोलीं- खुद पर हमेशा था डाउट

डिजिटल डेस्क, मुंबई। रैपर और सिंगर किंग यानी अर्पण कुमार चंदेल अब एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। वह अमेजन प्राइम वीडियो वेब सीरीज लुक्खे से अपना एक्टिंग डेब्यू कर रहे हैं, जिसमें उनके साथ पलक तिवारी भी नजर आएंगी। हालांकि पलक कुछ प्रजेक्ट्स में नजर आ चुकी हैं लेकिन ओटीटी पर उनके डेब्यू है. लुक्खे के क्रिएटर अग्रिम जोशी ने बताया कि कई युवा ज्यादा जल्दी पैसा और पावर कमाने के चक्कर में गलत रास्तों हैं उन भटके हुए लोगों को रास्ता दिखती है यह वेब सीरीज। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों कलाकारों और अग्रिम जोशी ने अपनी शुरुआत, ऑडिशन, दोस्ती, युवाओं पर ड्रग्स के असर, पर खुलकर बात की।
सवाल- लुक्खे में क्या असली कहानियां हैं ?
जवाब-
अग्रिम जोशी- असली तो नही कह सकते लेकिन यह जरूर कहूंगा कि इसके कुछ भाग हमारी आसपास की असली जिंदगी से प्रभावित जरूर हैं। ड्रग्स जैसी खतरनाक चीज आपको बड़ी आसानी से मिल जाती है। कैसे युवा इसके जाल में फंस जाते हैं और कैसे फिर इससे निकलते भी हैं। यह सीरीज उन दोनों पहलुओं को दर्शाती है। वेब सीरीज तो 77 दिनों में बन गयी थी लेकिन हमें इस कहानी को लिखने में काफी समय लगा। फिर बाद में हमने इसमें शूट के दौरान भी कई बदलाव किए।
यह भी पढ़े -मीनाक्षी शेषाद्रि ने कहा, ऋषि कपूर की शानदार ड्राइविंग स्किल्स ने दामिनी में कठिन दृश्य की शूटिंग करने में की थी मदद
सवाल- अर्पण (किंग) और पलक आपके युवा किरदार हैं , कहीं खुद को रिलेट किया ?
जवाब-
पलक - सनोबर एक अच्छी कलाकार है। लेकिन उसमे आत्मविश्वास की कमी है। मुझमे भी कुछ-कुछ यही कमी है। मैं खुद को अंडर कॉंफिडेंट तो नहीं कहूंगी लेकिन इतना कहना चाहूंगी कि खुद पर मुझे हमेशा से एक डाउट रहता था कि क्या मैं कभी आगे बढ़ पाऊंगी ? क्या मैं कभी अच्छा काम कर पाऊंगी ? यह सवाल हमेशा मुझे घेरे रहते थे। मुझमे हमेशा मुझे एक कमी नजर आती थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। आज लगता है कि मैं ओवर थिंकर थी।
अर्पण - मैं एक रैपर हूं, भले कई बार शो परफॉर्म कर चुका हूं पर पहली बार एक्टिंग कर रहा हूं। मुझे यह सबसे ज्यादा मुश्किल काम लगा। मेरी नजरों में तो एक्टर्स की इज्जत बढ़ गयी। मैं शूट से पहले काफी घबरा रहा था लेकिन किरदार भी इसमें म्यूजिक से जुड़ा है तो समझिए जैसे तैसे हो गया मुझसे। लेकिन अच्छी बात यह है कि सीरीज में 14 गाने हैं जिनमे से 4 मैंने तैयार किए हैं। उस तरीके से इसमें काम करना चैलेंजिंग था।
यह भी पढ़े -जब गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान अनिल विश्वास ने तलत महमूद को लगाई थी डांट, ‘कंपन’ बन गई पहचान
सवाल- लुक्खे बड़ा अलग नाम नहीं है ?
जवाब-
अग्रिम जोशी -यह हमारी रोज की भाषा है। हम तो आम बोलचाल में इस्तेमाल कर लेते हैं। दरअसल जितने युवा हैं वह अपनी जवानी में लुक्खे ही होते हैं। मैंने कई बार अपने पेरेंट्स से सुना है क्या लुक्खों की तरह घूमते रहते हो कुछ कमा कर लो..वहीं से आइडिया आया कि युवाओं को जब लुक्खा कहा जाता है तो सीरीज का नाम ही रख दो।
सवाल- बतौर लुक्खे आपको दोनों कलाकारो को कभी लगा कि आप अपनी राह से भटके हैं ?
पलक- मेरी मां सालों से इंडस्ट्री का हिस्सा हैं लेकिन मैंने अपनी जर्नी खुद शुरू की है। इसलिए मैंने कहा ना कि खुद पर भरोसा कम रहा। पर जब मैंने वीडियो एल्बम किया और वो सुपरहिट हुआ फिर उसके बाद सलमान खान सर की फिल्म का छोटा सा हिस्सा बनीं तो मुझे लगा राह मिल गयी है। उसके बाद भूतनी में थोड़ा और बड़ा रोल मिला और अब लुक्खे में उससे भी बड़ा रोल मिला। सीरीज में भी यही दिखाया गया है कि धीरे-धीरे कोशिश करके आप मुश्किलों से बाहर आ जायेंगे। इसलिए अपने सफर से मैं खुश हूं। राह भटकी नहीं बल्कि सही रास्ते पर आ गयी।
अर्पण (किंग)- मैं एक इंडिपेंडेंट संगीतकार रहा हूं। खुद गाने बनाये, लिखे हैं और उसमे काम किया है। यह एक बड़ा रिस्क है लेकिन मैं कभी इससे डरता नहीं हूं। जब मैंने म्यूजिक एल्बम बनाना शुरू किया था तो आगे तो कोई रास्ता ही नहीं था अगर सफल नहीं होता तो लोग कहते कि राह से भटक गया लड़का लेकिन जब तक आप समंदर में डूबेंगे नहीं तो तैरना कैसे सीखेंगे ? मेरी सोच क्लियर है राह बनाने के लिए थोड़ा भटकना तो बनता है।
सवाल -सीरीज में ड्रग्स और गलत रास्तों की बात दिखाई गई है। युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब-
अर्पण- यह शो सिर्फ ड्रग्स के बारे में नहीं है, बल्कि उसके नतीजों के बारे में है। अगर कोई खुद को इन किरदारों में देखता है, तो उसे समझना चाहिए कि गलत फैसलों का अंजाम क्या होता है। वैसे भी मैं इतना बड़ा इंसान अब तक नहीं बना हूं कि किसी को नसीहत दे सकूं। अपनी जर्नी से सिर्फ इतना कहना चाहूंगा। कि जिंदगी बहुत लंबी है सबको बूढ़ा जरूर होना चाहिए जल्दी इस दुनिया से नहीं जाना चाहिए और पीछे मुड़कर जब वह खुद को देखें तो उन्हें लगे कि हां एक अच्छी जिंदगी गुजारी है।
पलक- मुझे हर चीज अपनी मेहनत से मिली है। उसमे वक्त लगा लेकिन मिली जरूर। मुझे लगता है कि आज के युवा फ़ोन पर ज्यादा और अपनों के साथ कम वक्त बिताते हैं। मेरा निजी अनुभव है अपनों के साथ समय बिताइए आपको बहुत अच्छा लगेगा। ड्रग्स या नशा जिंदगी नहीं है सिर्फ अपने ही साथ देते हैं। और हां , काम को लेकर थोड़ा सब्र रखिये मेहनत का फल मिलेगा।
Created On :   9 May 2026 12:58 PM IST












