Satluj Film Controversy: क्या है आईटी रूल 2021 जिसके कारण दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर लगा बैन, जानें क्या कहती हैं गाइड लाइन

क्या है आईटी रूल 2021 जिसके कारण दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर लगा बैन, जानें क्या कहती हैं गाइड लाइन
दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ इन दिनों विवादों में घिरी है। ओटीटी से हटाए जाने के कारण यह चर्चा में है। आईटी रूल्स 2021 के तहत इस फिल्म को ओटीटी से हटाया गया। क्या है यह नियम?

डिजिटल डेस्क, मुंबई। दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ इन दिनों विवादों में हैं। फिल्म को लेकर जहां सोशल मीडिया पर हर तरफ तरीफ हो रही है वहीं राजनीतिक जगत में हंगामा मचा हुआ है। इस फिल्म को 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया गया था लेकिन रिलीज के दो दिन बाद ही फिल्म पर बैन लगा दिया और फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म से हट गई। लेकिन सोशल मीडिया पर फिल्म की जमकर तारीफ होने लगी और लोगों ने विरोध भी किया की आखिर फिल्म को क्यो बैन किया गया। तो बता दें कि, फिल्म पर आईटी रूल्स 2021 के पार्ट 3 का पालन ना करने का आरोप लगा है। ऐसे में जान लेते हैं कि क्या है ये नियम? और ओटीटी से इसका क्या लेना-देना है।

फिल्म ‘सतलुज’ पर इसलिए लिया गया एक्शन

ओटीटी कंटेंट, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के दायरे में नहीं आता है। इसे इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के पार्ट 3 के नियमों के तहत रेगुलेट किया जाता है। तो जानकारी हो कि फिल्म 'सतलुज' के मेकर्स ने 2022 में इसके ओरिजिनल टाइटल 'पंजाब 95' के तहत सेंसर सर्टिफिकेशन के लिए अप्लाई किया था, लेकिन उन्हें सेंसर बोर्ड ने 127 कट्स लगाने तो कहा और मेकर्स ने ये नहीं माना। और तीन साल बाद फिल्म को बिना कट के तीन साल बाद ओटीटी पर चुपचाप से रिलीज कर दिया। जब यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो जी5 प्लेटफॉर्म से इसे हटाने के लिए कहा गया।

आईटी रूल्स 2021 की गाइडलाइंस क्या हैं?

आईटी रूल 2021 के पार्ट 3 ((इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) के तहत भारत में डिजिटल न्यूज मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट किया जाता है। इसके जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया जाता है, साथ ही शिकायतों का भी निवारण होता है। इसके अलावा स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से किसी कंटेंट को हटाने जैसा काम भी किया जाता है।

गाइडलाइंस-

शिकायत सुनने और उसका समाधान करने के लिए एक अधिकारी नियुक्त करना।

शिकायतों का तय समय के भीतर समाधान करना।

सरकार या अदालत के आदेश पर गैरकानूनी सामग्री हटाना।

उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और निजी जानकारी की रक्षा करना।

बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर नियमों का पालन कराने के लिए अलग अधिकारी रखना।

हर महीने नियमों के पालन की रिपोर्ट जारी करना।

गंभीर अपराध की जांच में, कानून के अनुसार संदेश भेजने वाले पहले व्यक्ति की जानकारी देना पड़ सकती है।

OTT प्लेटफ़ॉर्म पर फिल्मों और वेब सीरीज़ को उम्र के अनुसार श्रेणियों में दिखाना।

डिजिटल न्यूज़ चैनलों और वेबसाइटों को पत्रकारिता के नियमों का पालन करना।

डिजिटल मीडिया और OTT पर शिकायत दर्ज कराने और उसका समाधान करने की व्यवस्था रखना।

फिल्म की कहानी और स्टार कास्ट

फिल्म ‘सतलुज’ पंजाब के मानव अधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की लाइफ पर बेस्ड है। यह कहानी 1990 के दशक के उस दौर की है जब पंजाब आतंकवाद से जूझ रहा था। इसकी कहानी देखकर फैंस के रोंगटे खड़े हो गए थे। फिल्म में दिलजीत के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे कलाकार अहम किरदारों में नजर आए हैं।

Created On :   7 July 2026 6:52 PM IST

Tags

Next Story