International Dance Day: डांसिंग हुनर से ज्यादा आपके पैशन से निकलती है, हर इंसान थिरकना चाहता है- जावेद जाफरी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 41 साल पहले जब जावेद जाफरी ने जब फिल्म मेरी जंग में ‘बोल बेबी बोल' गाने पर डांस किया था तो मानो भारतीय सिनेमा में डांस का एक नया अध्याय शुरू हो गया। उनके हर मूव में ऐसी ऊर्जा, ऐसा स्टाइल और ऐसा नयापन था कि लोगों ने सिर्फ देखा ही नहीं, बल्कि डांस को एक नए जुनून की तरह अपनाना शुरू कर दिया। 40 साल से भी लंबे अपने करियर में जावेद जाफरी ने भले अभिनय, मिमिक्री और वॉइस आर्टिस्ट के तौर पर कई क्षेत्रों में काम किया लेकिन उनकी डांसिंग की चर्चा हर तरफ रही। उन्हें भारत में ब्रेक डांस लाने वाला पहला डांसर माना जाता है। दुनिया के पहले डांस रियलिटी शो बूगी वूगी के जरिए डांस को घर-घर तक पहुंचाने वाले जावेद जाफरी अब 12 साल बाद डांस की दुनिया में वापसी कर रहे हैं। वह इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5 में बतौर जज नई प्रतिभाओं को मंच देने और डांस के बदलते स्वरूप को एक नई पहचान देने के लिए तैयार हैं। अंतरराष्ट्रीय डांस दिवस पर जावेद जाफरी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया कि उन्होंने कभी डांस स्कूल से यह कला नहीं सीखी और देश के अधिकतर युवा ऐसे ही एक बेहतरीन डांसर बनते हैं।
डांसिंग स्कूल कभी नहीं गया
मेरे 40 साल से भी ज्यादा लंबे सफर में लोग मुझे बेहतरीन डांसर के रूप में जानते हैं लेकिन मैं कभी अपने जीवन में डांस स्कूल गया ही नहीं। जबकि मैं 5 साल की उम्र से डांस कर रहा हूं, जो भी सीखा टीवी देख-देखकर सीखा। डांस मेरा पैशन रहा है। जब साल 1983 में एक अखिल भारतीय नृत्य प्रतियोगिता जीती तो मुझे लंदन में 3 महीने के लिए प्रशिक्षण का अवसर मिला। मुझे लगता है कोई डांसर पैदा नहीं होता वह धीरे धीरे आपके भीतर पनपता है लोग टीवी देखकर जितना सीखते हैं उतना क्लासेस में नहीं सीखते। डांस एक पैशन है।
बूगी-वूगी दुनिया का पहला डांस रियलिटी शो
जब हमने बूगी-वूगी शुरू किया था तो ऐसा कोई कांसेप्ट ही नहीं था। यह दुनिया का पहला डांस रियलिटी शो था। आज अमेरिका का जो मशहूर डांस शो है वो बूगी-वूगी के 8 साल बाद शुरू हुआ। हमें भी नहीं पता था कि क्या करना चाहिए। हम बस एक फ्री स्टाइल डांस कम्पटीशन करवाना चाहते थे। जहां हर उम्र और तबके के लोग आकर डांस परफॉर्मेंस दें। सेट पर कोई क्रिप्ट भी नहीं होती थी। हम तीनों जज आपस में बातें करते और उसमें से जोक्स निकलते। यह दुनिया का पहला और सबसे लंबा चलनेवाला डांस शो था लेकिन जब 2014 में बंद हुआ तो लोगों ने मुझे बाकी डांस शो में कभी बुलाया ही नहीं। शायद उन्हें लगा कि लोग मुझे देखकर उस शो को भी बूगी-वूगी से तुलना कही ना कर दें।
बच्चों को नहीं पता था, डांसर हूं
मैंने अपने बच्चों को कभी नहीं बताया कि मैं डांसर हूं। वो जब बड़े हो रहे थे तो उन्होंने मेरी धमाल जैसी फिल्में देखी थीं जिनमे मैं कॉमेडी कर रहा हूं। बूगी वूगी में भी डांस नहीं करते थे हम। मेरा छोटा बेटा साल 2003 में पैदा हुआ। जब वह 8 साल का हुआ तो यह शो तो बंद होने वाला था। इसलिए वह जानते ही नहीं थे उनके पिता डांसर हैं। उन्हें पुराने वीडियो मिले तब उन्हें पता चला की उनके पिता डांसर हैं। मेरी बेटी को मुझ पर बहुत फक्र हुआ। मैं बताता तो शायद वह उतने प्रभवित नहीं होते।
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डांसिंग रील्स बनाकर बच्चे कमा रहे हैं
हमारे जमाने में हमने जब डांस सीखा तो यह एक पैशन था। मैं आज के बच्चों की तारीफ करना चाहूंगा कि बच्चे इतने स्मार्ट हो गए हैं कि डांस स्किल्स से लाखों कमा रहे हैं। कम उम्र से ही उनमे वो चालाकी है कि उन्हें अपने टैलेंट को जरा भी बर्बाद नहीं करना है। डांस फॉर्म लगातार बदलते हैं और आपको नए ट्रेंड, नए स्टाइल की खबर चुटकियों में मिल जाती है। गांव के स्कूल में आप डांस कर रहे हैं तो आपको सालों लग जाते थे शहर आकर खुद को साबित करने में। भारत के बच्चे आज दुनिया में कमाल कर रहे हैं। संगीत और नृत्य दो ऐसी दुनिया है जिसमे हर कोई रहना चाहता है। थिरकना तो हर कोई चाहता है। मैं जब देखता हूं 10 साल के बच्चे बिना किसी ट्रेनिंग के बेहतरीन मूव्स कर रहे हैं तो मैं हैरान हो जाता हूं।
नई पीढ़ी को जज करना चुनौती
आज के बच्चे हमसे ज्यादा तेज तर्रार हैं। भले लोग मुझे ब्रेक डांस का किंग कहते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता ना। आज से 30 साल या 15 साल पहले जावेद जाफरी क्या करता था किसको पता? बूगी-वूगी जब बंद हुआ तो इनमे से तो कई बच्चे पैदा ही नहीं थे। इसलिए मैं भी सोच समझकर ही उन्हें जज करुंगा। मैं भी उनसे मंच पर डांसिंग के स्कील जरूर सीखूंगा।
Created On :   28 April 2026 7:33 PM IST












