बंगाल हिंसा से जोड़कर वायरल हुआ 4 साल पुराना वीडियो, यहां जाने पूरी सच्चाई

4 year old video linked to Bengal violence went viral, know the whole truth here
बंगाल हिंसा से जोड़कर वायरल हुआ 4 साल पुराना वीडियो, यहां जाने पूरी सच्चाई
फर्जी खबर बंगाल हिंसा से जोड़कर वायरल हुआ 4 साल पुराना वीडियो, यहां जाने पूरी सच्चाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में टिएमसी नेता की हत्या के बाद हिंसा भड़क गई थी, जिसके बाद कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। इसमें कुल आठ लोगों कि मौत हुई। इसी बीच बीरभूम हिंसा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि देर रात कुछ लोग सड़क से गुजरती कारों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। इन लोगों ने सफेद कपड़े पहने हैं और ये कारों के शीशों में डंडे मारते और बैरिकेडिंग जैसी कई चीजें फेकते नजर आ रहे हैं। इन वायरल विडियोज के जरिए ये दावा किया जा रहा है कि तोड़फोड़ करने वाले ये लोग मुसल्मान हैं। 

एक ट्विटर यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "ये कलकत्ता का है, बंगाल में हालात एकदम पाकिस्तान जैसे बने हुए हैं, और ये जो गाड़ियों के शीशे तोड़ रहे हैं वो मुल्ले हैं, क्यूं कि इनको सड़क पर बैठ कर रोजे खोलने हैं, ऐसा पूरे देश में होने में देर नहीं है। 70 वर्षों में हिंदू 8 राज्यों में अल्पसंख्यक हो गये हैं, किसी को पता भी नहीं चला।" 
वीडियो की जांच करने पर हमने पाया कि असल में ये वीडियो बंगाल नहीं बल्कि स्विट्जरलैंड का है और ये घटना 2018 कि है, जब कुछ फुटबॉल फैंस में झगड़ा हो गया था। 

वीडियो का पूरा सच

शेयर किये जा रहे वीडियो के कीफ्रेम्स निकालकर रिवर्स सर्च करने पर ये सामने आया कि कुछ जर्मन भाषित मीडिया हाउस ने ये घटनी रिपोर्ट की थी। इन रिपोर्टस में ये बात सामने आयी कि ये घटना 19 मई, 2018 को स्विट्जरलैंड के बेसेल शहर में हुई थी। सेंट जेकब स्टेडियम में बेसेल फुटबाल मैच लूजर्न फुटबाल क्लब के बीच मैच हुआ था। इस मैच के बाद ही दोनों टीमों के फैंस के बीच झड़प हो गई थी। इस घटना को लेकर बेसेल शहर की पुलिस ने एक प्रेस रिलीज भी की थी, इसमें बताया गया कि घटना में करीब 2 लोग घायल हुए थे। 
बता दें कि, इससे पहले इस वीडियो को यूके के बर्मिंघम शहर में रमजान के दौरान हुए दंगों का वीडियो बताया गया था। वीडियो की जांच में ये मालूम चला कि वायरल हो रहे वीडियो का बंगाल हिंसा से कोई लेना देना नहीं है।

Created On :   28 March 2022 7:50 AM GMT

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