Iran America Tension: ओमान सागर और उत्तरी हिंद महासागर में रूस और ईरान करेंगे नेवी ड्रिल, बौखलाए ट्रंप ने भेजे 50 से ज्यादा फाइटर जेट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सप्रीम लीडर के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच जानकारी मिली है कि ईरान और रूस गुरुवार (18 फरवरी) को ओमान सागर और उत्तरी हिंद महासागर में नेवी ड्रिल (नौसैनिक प्रशिक्षण) करेंगे। दोनों देशों के एक साथ आने से अमेरिका की घबराहट और बढ़ जाएगी। यह इसलिए क्योंकि अमेरिका ईरान को पहले ही चेतावनी दे चुका है। उन्होंने कहा जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln carrier) और उसके साथ तमाम सहायक युद्धपोतों को मिडिल ईस्ट में तैनात कर दिया है। अमेरिका ने कल (17 फरवरी) 24 घंटे में 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान और भेज दिए हैं।
ईरान की अर्ध सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी है कि ईरान और रूस मिलकर नौसेना अभ्यास करेंगे। दोनों देश यह युद्धाभ्यास ओमान सागर और उत्तरी हिंद महासागर में करेंगे। होर्मुज स्टेट (एक संकरा जलमार्ग है) में बीते दिनों ईरानी क्रांतिकारी ने भी युद्धाभ्यास किया है।
ईरान का रूस से तालमेल बढ़ाने का क्या है मतलब?
एक ईरानी नेवी कमांडर हसन मघसूदलू ने कहा कि इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तालमेल बनाना है। उन्होंने कहा समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों का डटकर मुकाबला करने के लिए मेलजोल बढ़ा रहे हैं। साथ ही समुद्री आतंकवाद से निपटना के लिए इस संयुक्त अभ्यास (Joint Exercise) के मुख्य लक्ष्यों में एक हैं।
ट्रंप ने 24 घंटे में 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान किए तैनात
ईरान और रूस जॉइंट एक्सरसाइज शुरू करने जा रहे हैं। आपको बता दें, यह एक्ससाइज दोनों देश ऐसे समय में शुरू करने जा रहे हैं जब अमेरिका ने अपने जंगी जहाज पहले ही तैनात कर चुके हैं। अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैनिकों की संख्या को बढ़ा रहा है। मंगलवार को ट्रंप ने सिर्फ 24 घंटे में 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान तैनात कर चुका है। खबर यह भी है कि ये लड़ाकू विमान किसी बड़े ऑपरेशन की तैयारी में लगे हैं।
एक अमेरिका अधिकारी ने बताया कि हम इस इलाके में अपनी हवाई और समुद्री क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं। एफ-22, एफ-35 और एफ-16 लड़कू विमान को इलाके में तैनात कर दिए हैं। इसके साथ ही कई एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर भी हैं। इसके पहले अमेरिका दो जंगी जहाज (USS गेराल्ड आर और USS अब्राहम लिंकन) पहले ही भेज चुका है। यह सब उस समय हो रहा था जब जिनेवा में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता का दूसरा दौर चल रहा था
Created On :   18 Feb 2026 5:40 PM IST












