US Iran Tension: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप को दी धमकी, डुबा सकते हैं अमेरिकी युद्धपोत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती के साथ एक बार फिर से सत्ता परिवर्तन की बात रही थी। ईरान के सर्वोच्च कमांडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप को धमकी दी है। उन्होंने कहा अगर अमेरिका ईरान सरकार के मामलों में दखल देगा तो हम खाड़ी में तैनात अमेरिका का युद्धपोत डुबा सकते हैं। खामेनेई ने कहा हम सुनते आ रहे हैं कि ट्रंप ने तेहरान की ओर एक जंगी जहाज ( (Warship) भेजा है। गौरतलब है कि जंगी जहाज एक खतरनाक हथियार है, लेकिन उससे भी ज्यादा खतरनाक वह हथियार है जो उसे डुबो सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार खामेनेई को सत्ता से हटाने की बात कही है। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर ने धमकी देते हुए कहा कि उनकी सारी कोशिशें नाकाम रहेंगी। ईरान और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर विवाद पर मंगलवार (17 फरवरी) को जिनेवा में बातचीत फिर से शुरू हुई। आपको बता दें, कि इजरायल ने जून माह में ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। इस बमबारी में अमेरिका ने इजरायल का साथ दिया था।
जिनेवा पहुंच ईरानी विदश मंत्री
ईरानी विदश मंत्री अब्बास अराघची परमाणु वार्ता पर बातचीत करने के लिए जिनेवा पहुंच चुके हैं। इस वार्ता की मध्यस्थता ओमान कर रहा है। रॉयटर्स न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी है कि इस वार्ता में अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉक और जेरेड कुशनर भी बातचीत में हिस्सा ले रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह जिनेवा वार्ता में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि तेहरान एक समझौता करना चाहता है। ट्रंप ने सोमवार (16 फरवरी) को एयर फोर्स के पत्रकारों से कहा मुझे नहीं लगता कि वे समझौता न करने के नतीजे भुगतना चाहते हैं। हम उनकी परमाणु क्षमता को समाप्त करने के लिए B-2 (एक फ्लाइंग विंग विमान है) भेजने के बजाय समझौता कर सकते थे। और हमें B-2 भेजने पड़े।
अमेरिका सत्ता से नहीं हटा सकता- खामेनेई
जिनेवा में वार्ता हो रही है इसी बीच ईरानी नेता खामेनेई ने कहा कि अमेरिका उनको सत्ता से जबरदस्ती नहीं हटा सकता। 1979 की क्रांति के बाद से ईरान में मौलवियों का राज रहा है। ईरानी मीडिया में उन्होंने कहा अमेरिकी राष्ट्रपति कहते हैं कि यूएस की सेना विश्व की सबसे ताकतवर सेना है। लेकिन विश्व की सबसे ताकतवर सेना को कभी-कभी इतना तेज से थप्पड़ मारा जाता है कि वह दोबारा उठ नहीं पाती है। ईरान के एक एक अधिकारी ने मंगलवार (17 फरवरी) को कहा कि जिनेवा वार्ता सफल हो सकती है अगर अमेरिका कोई ऐसी वैसी मांग न करे और ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध को हटाए से मना न करें।
Created On :   17 Feb 2026 7:36 PM IST











