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Fake News: पुरानी तस्वीर की नई कहानी, बेसुध पड़ी मां से लिपटकर दूध पी रहा बच्चा

Fake News: पुरानी तस्वीर की नई कहानी, बेसुध पड़ी मां से लिपटकर दूध पी रहा बच्चा

डिजिटल डेस्क। कोरोनावायरस महामारी के चलते देश में अब भी प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। कई मजदूर बिना किसी वाहन के पैदल ही सफर करते हुए अपने-अपने घरों की ओर निकल पड़े हैं। इस दौरान कई मजदूरों की भूख, बीमारी और हादसों के कारण मौत भी हुई है। मजदूरों के पलायन और उनसे जुड़ी घटनाओं को लेकर विपक्ष सरकार को आए दिन निशाना बना रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं जिनका इस समय हो रहे मजदूरों के पलायन से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसा ही एक फोटो 5 जून से वायरल हो रही है। इसके साथ यह दावा किया जा रहा है कि फोटो में एक मजदूर मां की मौत पलायन के दौरान हुई है। 

किसने किया शेयर?
यह फोटो कांग्रेस नेता अर्चना डालमिया ने 5 जून को ट्वीट किया था। इसके बाद इसे हाल की घटना मानकर लोगों ने शेयर करना शुरू कर दिया।

क्या है सच?
भास्कर हिंदी टीम ने पड़ताल में पाया कि फोटो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। दरअसल फोटो के बारे में सर्च करने पर पाया गया कि यह फोटो करीब 3 साल पुराना है। 26 मई, 2017 में इस फोटो के साथ इंडिया टुडे वेबसाइट ने एक खबर भी प्रकाशित की थी।  हिंदुस्तान टाइम्स वेबसाइट ने भी 25 मई, 2017 को इस फोटो के साथ खबर प्रकाशित की थी। खबर के मुताबिक 24 मई, 2017 को मध्यप्रदेश के दमोह जिले में रेलवे ट्रैक पर लोगों को एक महिला मुर्छित हालत में दिखी थी। साथ में अपनी मां की हालत से अनजान बच्चा स्तनपान कर रहा था। जिस समय लोगों ने यह नजारा देखा महिला जीवित थी। लेकिन, कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। इस तस्वीर और खबर ने 3 साल पहले पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।

इन दो खबरों से यह स्पष्ट है कि तस्वीर तीन साल पुरानी है, जिसे हाल ही की घटना मानकर शेयर किया जा रहा है। कई ट्विटर यूजर्स ने कांग्रेस नेता अर्चना डालमिया के ट्वीट के जवाब में लिखा भी कि यह घटना पुरानी है और इसे अब शेयर करके वे लोगों को भ्रमित कर रही हैं। इसके बाद उन्होंने ट्वीट डिलीट कर लिया। 

निष्कर्ष:
वायरल फोटो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। फोटो करीब 3 साल पुरानी है, जिसे हाल ही की घटना की तरह शेयर करके लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।