US-Israel Iran War: अमेरिका ने सबसे शक्तिशाली हथियार से ईरान पर किया हमला, परमाणु साइट के तबाह होने की खबर

अमेरिका ने सबसे शक्तिशाली हथियार से ईरान पर किया हमला, परमाणु साइट के तबाह होने की खबर
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष आए दिन तेज हो रहा है। खबर मिली है कि अमेरिका द्वारा किए गए ताजा हमले में ईरान के संभावित परमाणु हथियार की जगह को उड़ा दिया गया है।

डिजिटल डेस्क, तेहरान। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष आए दिन तेज हो रहा है। खबर मिली है कि अमेरिका द्वारा किए गए ताजा हमले में ईरान के संभावित परमाणु हथियार की जगह को उड़ा दिया गया है। इस हमले के लिए अमेरिका ने अपने सबसे शक्तिशाली गैर-परणामु बम का इस्तेमाल किया है। इस घटना की वजह से युद्ध को नया मोड़ मिल गया है। अब यह जंग केवल तेल या क्षेत्रीय ताकत का नहीं रहा है, बल्कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने का भी हो गया है।

कब किया गया ये हमला?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह टारगेट 9-10 मार्च को पारचिन सैन्य परिसर में टालेगान-2 नाम के स्थान को किया गया है। उस जगह की कुछ सैटेलाइट तस्वीरे सामने आई है, जिसमें भारी नुकसान देखा जा सकता है। अमेरिकी थिंक टैंक जैसे मिडलबरी इंस्टीट्यूट और इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी (ISIS) के विशेषज्ञ डेविड अल्ब्राइट ने बताया कि तीन बड़े छेद दिखाई दे रहे हैं।

ये छेद GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) बम के गिराने से मेल खाते हैं। ये बम 200 फीट तक क्रंक्रीट में अंदर घुसकर फटता है। इसे सिर्फ बी2 बॉम्बर से ही गिराया जा सकता है। इस बम ने अपने टरगेट को पूरा करने के लिए कुल 25,000 किलोमीटर का सफर तय किया था। इसे बी2 मिसौरी के व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से उड़ाया गया था।

क्या है टालेगन-2?

पारचिन तेहरान के पास ईरान का एक बड़ा सैन्य परिसर है। टालेगन-2 इसमें एक गुप्त स्थान है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की रिपोर्ट में बताया गया कि यहां हाइड्रोडायनामिक प्रयोग किए गए हैं। यह परमाणु हथियार के लिए बेहद जरूरी होता है। हाई-एक्सप्लोसिव से प्लूटोनियम या यूरेनियम को दबाने के लिए यह प्रयोग किया जाता है।

IAEA की रिपोर्ट में क्या बताया?

IAEA ने साल 2015 में इसकी जांच की थी, जिसमें मानव-निर्मित यूरेनियम के कण पाए गए थे। इसके बाद ईरान ने यह जांच रोक दी और इसे साफ कर दिया। इस दौरान IAEA ने बताया था कि सत्यापन मुश्किल हो गया है। वहीं, 2018 में इजरायल ने ईरान के अमाद प्लान के 55,000 पेज जारी किए, जिसमें पारचिन का भी जिक्र किया गया है।

Created On :   12 March 2026 6:49 PM IST

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